Muhavare in Hindi with Pictures Part 2 🤔 – मुहावरे फोटो के साथ भाग 2

नमस्कार, आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है। आप सभी का बहुत सारा प्यार मिला इसलिए हम आपके लिए लाये है Muhavare in Hindi का भाग 2  इस आर्टिकल में हम ज्यादा से ज्यादा मुहावरे शेयर करेंगे जिससे आपको अपनी gk भड़ाने में हेल्प मिलेगी

Muhavare in Hindi with Pictures

 

मुहावरा  हजामत बना देना।
अर्ध-

(1) ठगी कर लेना ।
(2) धोखाधड़ी का शिकार बना देना।
मुहावरा  हड़बड़ा उठना।
अर्थ-
(1) बुरी तरह से घबरा जाना।
(2) भयभीत हो जाना।
मुहावरा  हथियार रख देना।
अर्थ-

(1) हार मान लेना ।
(2) समर्पण कर देना।
मुहावरा हलाल करके खाना।
अर्थ –
(1) मेहनत की कमाई खाना ।
(2) परिश्रम करके कमाना।
मुहावरा हवाई किले बनाना।
अर्थ

(1) झूठी कल्पनाएँ करना।
(2) कभी पूरी न होने वाली योजनाएँ बनाना।

मुहावरा  हाथ का खिलौना होना।
अर्थ –
(1) दूसरे के इशारों पर चलने वाला।
(2) दूसरे के आधीन होना।

मुहावरा  हाथ झाड़कर खड़े हो जाना।
अर्ध-

(1) काम करने से इन्कार कर देना।
(2) किसी कार्य में हाथ न बँटाना।

मुहावरा  हाथ तंग होना।
अर्थ-

(1) पैसे की कमी होना ।
(2) कम आमदनी होना।

मुहावरा  हाथ धोकर पीछे पड़ जाना।

अर्थ
(I) हर समय पीछे लगे रहना।
(2) मौका पाते ही नुकसान पहुँचा देना।

मुहावरा  हाथ भर की जुबान होना ।

अर्थ –
(1) बहुत ज्यादा बोलते रहना ।
(2) बिना बात बकवास करते रहना।

 मुहावरा  होश न लेना।
अर्थ –
(1) किसी दूसरे की बात न सुनना ।
(2) शान्त न होना।
मुहावरा हकीकत से दूर होना।
अर्थ-
(1) वास्तविकता के करीब भी न होना।
(2) किसी की कोई भी बात सच न होना।
मुहावरा हथेली पर सरसों नहीं जमती।
अर्थ
(1) केवल बात बनाने से ही काम नहीं बनते ।
(2) झूठ के नहीं होते।

हाथ की सफाई।
अर्थ
– 1) हेराफेरी करना
(2) बेईमानी करना।
मुहावरा होनी को कोई नहीं टाल सकता।
अर्थ –
(1) जो होना है वह होकर रहेगा ।
(2) भाग्य का लिखा होकर रहता है।
मुहावरा होनी होकर रहेगी।
अर्थ-
(1) जो घटित होना है उसे कोई नहीं रोक सकता ।
(2) जो होना है वह होकर रहता है।
मुहावरा हथेली पर दही नहीं जमता।
अर्थ-
(1) तुरन्त कोई काम नहीं होता ।
(2) एक हम किसी काम को पूर्ण नहीं किया जा सकता।
मुहावरा होनहार बिरवान के होत चीकने पात।
अर्थ-
(1) योग्य व्यक्ति का पहली ही बार में पता चल जाता है।
(2) इन्सान की काबलियत का अन्दाजा उसके व्यवहार से हो जाता
है।
मुहावरा हँस-खेलकर मारना।
अर्थ –
(1) प्यार प्रदर्शित कर दुःख देना।
(2) अपनापन दिखाकर चोट पहुंचाना।
मुहावरा हक्का-बक्का रह जाना।
अर्थ-
(1) अवाक् रह जाना ।
(2) आश्चर्यचकित रह जाना ।

 

मुहावरा – छप्पर फाड़कर देना।
अर्थ –
(1) अकस्मात् धन प्राप्त होना।
(2) लाटरी लग जाना ।
(3) अचानक सम्पत्ति प्राप्त हो जाना।
(4) बेरोजगार को बढ़िया रोजगार मिल जाना।

प्रयोग – वह पैसेपैसे से परेशान था। उसकी बड़ी रकम की लाटरी निकल आयी, इसे कहते हैं कि भगवान् जब देता है तो छप्पर फाड़कर देता है।

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मुहावरा – छाती पर पत्थर रखना।

अर्थ –
(1) गहरा दुःख सहन करना।
(2) भारी अपमान चुपचाप ।
(3) बड़ी हानि को चुपचाप सहन करना।
(4) बेइज्जत होकर भी चुप रहना।

प्रयोग – होने सबके ताने छाती पर पत्थर रखकर जवानी में विधवा पर सुनते हुए उसने अपना समय गुजारा।

मुहावरा – छाती पर सांप लोटना।

अर्थ –
(1) किसी से ईष्र्या करना।
(2) किसी की प्रगति से जलना।
(3) किसी का आगे बढ़ना सहन न करना।
(4) किसी के बढ़ते व्यवसाय को देखकर किलसना।

प्रयोग – अरुण के कारीगर ने जब अपनी फैक्ट्री लगा ली तो अरुण की छाती पर सांप लोटने लगा।

मुहावरा- छोटे मुँह बड़ी बात।

अर्थ –
(1) अपनी शान को बढ़ा-चढ़ाकर बताना।
(2) अपनी योग्यता को ज्यादा प्रदर्शित करना।
(3) अपनी हैसियत से बढ़कर बात करना।
(4) अपनी शेखी बघेरना।

प्रयोग – योगेश स्वयं तो किसी योग्य है नहीं परन्त और लोगों को उपदेश देता फिरता है।

मुहावरा – जमीन पर पैर न पड़ना।
अर्थ –
(1) ज्यादा खुशी प्राप्त हो जाना।
(2) बहुत अधिक प्रसन्न होना।
(3) आशा से ज्यादा प्रगति कर जाना।
(4) बड़ी सफलता हासिल कर लेना।

प्रयोग – विनोद ने व्यापार में एक दिन बड़ी सफलता पा ली तभी से उसके पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे हैं।

मुहावरा – जड़वत् होना।

अर्थ –
(1) किसी बात का उत्तर न देना।
(2) चुप्पी साध लेना।
(3) चुपचाप सुनते रहना।
(4) किसी बात का प्रतिरोध न करना।
प्रयोग – अपने भाई की गलत बातों को सुनकर श्रीकिशन जैसा शरीफ व्यक्ति जड़वत् हो गया।

मुहावरा – जूतियाँ चटकाते फिरना।

अर्थ –
(1) बेकार इधर से उधर घूमते रहना।
(2) मटरगस्ती करना।
(3) कोई काम-धन्धा न करना।
(4) अवारागर्दी करते हुए घूमना।

प्रयोग – विपिन अपने पिता की इज्जत को ध्यान में न रखते हुए भी इधर-उधर जूतियाँ चटकाते घूमता रहता है।

मुहावरा – जीती मक्खी निगलना।

अर्थ –
(1) जानते हुए नुकसान उठाना।
(2) देखने पर भी अनदेखी करना।
(3) जानते हुए भी झंझट में फंसना।
(4) जानते हऐ भी गलती करना।

प्रयोग – अरूण अपने भाई की गलतियों को देखकर भी जीती मक्खी । निकलने को मजबूर है।

मुहावरा – जितनी चादर उतने पैर पसारना।

अर्थ –
(1) अपनी क्षमता के अनुरूप चलना।
(2) सोचविचारकर खर्चा करना।
(3) अपनी सीमा में रहना।
(4) अपनी सामथ्र्य के अनुसार काम करना।

 

कन्धे से कन्या मिलाकर चलना।
अर्थ –
(1) हर काम में साथ रहना।
(2) हर बोझ मिलकर उठाना।
(3) हमेशा एकदूसरे का सहयोग करना।
(4) हर परेशानी का मिलकर सामना करना।
प्रयोग – दिनेश तथा सुरेश हमेशा कन्धे से कन्धा मिलाकर चलते हैं।

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किस्मत ठोकना।

अर्थ –
(I) किस्मत का रोना, रोना।
(2) भाग्य को दोष देना।
(3) बदकिस्मत होना।
(4) भाग्य को कोसना।
प्रयोग – पढ़ाई में मेहनत न वाले छात्र होने पर अपनी किस्मत करने फेल ठोकते हैं।

खटाई में पड़ना।

अर्थ
(1) मामला उलझ जाना।
(2) कार्य का लटक जाना।
(3) लेनदेन में विवाद उत्पन्न हो जाना।
(4) विन पैदा हो जाना।
प्रयोग – समय पर सरकारी पैसा न मिलने से पुल का निर्माण खटाई में पड़ गया।
 खेत रहना
अर्थ
(I) लडाई में मारा जाना।
(2) युद्ध में शहीद होना।
(3) बदमाशों से मुकाबला करते मारा जाना।
प्रयोग – कारगिल युद्ध के दौरान दोनों देशों के बहुत से जवान खेत रहे।
खून खौलना।
अर्थ –
(1) गलत बात पर उत्तेजित होना।
(2) किसी बात पर क्रोधित हो जाना।
(3) छिछोरेपन पर उबाल खा जाना।
(4) मारपीट पर उतारू हो जाना।

प्रयोग – सुरेश ने बिना बात पडौसियों के साथ मारपीट की तो अशोक का खून खौल उठा।

 खून में उबाल आना।

(1) तुरन्त जोश से भर उठना।
(2) बहुत ज्यादा उत्तेजना से भर जाना।
(3) अत्याधिक क्रोधित हो उठना
(4) बदला लेने पर उतारू हो जाना

प्रयोग : विशाल ने जब कुछ लड़कों को अपने भाई की पिटाई करते देखा तो उसके खून में उबाल आ गया।

 खूनपसीना एक करना।

(1) बहुत ज्यादा मेहनत करना
(2) अत्याधिक लगन से काम करना।
(3) किसी कार्य में जी-जान से जुट जाना
(4) कठोर परिश्रम के साथ कार्य पूर्ण करना।

प्रयोग :  अरूण की यह आदत है कि वह जिस कार्य में हाथ डालता है।
उसे पूरा करने में खूनपसीना एक कर देता है।

 

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खेल में क्या भईया जी?

अर्थ

(1) खेल में कोई छोटाबड़ा नहीं होता
(2) झगड़ा होने पर कोई किसी की शर्म नहीं करता।
(3) लेनदेन में भाईबन्दी नहीं होती
(4) खेल में भाई का भी लिहाज नहीं होता

खेलते समय छोटेबड़े की शर्म नहीं की जाती, इसीलिए तो कहते हैं कि खेल में क्या भईया जी?

 खाक में मिला देना।

(1) बरबाद कर देना।
(2) सब कुछ लुटा देना।
(3) व्यापार चौपट करा देना
(4) हर रास्ते बंद करा देना।
दिनेश ने ऐसी चाल चली कि महेश का व्यापार चौपट करके उसे।  खाक में मिला दिया।

 खाना खराब होना।

(1) कोई काम न करना
(2) आवारा घूमना
(3) कोई काम-धन्धा न करना
(4) इधरउधर घूमते रहना

जड़वत् होना।
अर्थ-

(1) किसी बात का उत्तर न देना।
(2) चुप्पी साध लेना।

 जस बाप तस बेटा।

अर्थ
(1) जैसा बाप वैसा बेटा।
(2) अपने जैसी आदतों वाले साथी मिल जाना।

 जल्दी का काम अच्छा नहीं होता।

अर्थ-

(1) किसी काम में उतावलापन ठीक नहीं रहता।
(2) काम को बिना समझे जल्दी समाप्त करने से हानि होती है।

 जहाँ फुल वहीं कांटा।
अर्थ-

(1) अच्छाई के साथ बुराई भी रहती है।
(2) अच्छाई करने वाले से बुरा भी होता है।

 

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 जान-बूझकर कुये में गिरना।
अर्थ-

(1) समझते हुए भी गलती करना।
(2) जानते हुए भी उठा लेना।

 जहाँ गुड़ होता है, वहाँ मक्खी आती ही हैं।
अर्थ-

(1) प्रभावशाली व्यक्ति के पास आदमी आते ही हैं।
(2) समर्थ से अपना काम कराने के लिए लोग पहुंचते ही हैं।

 जब तक जहर मोहरा आयेगा, सांप का काटा मर जायेगा।
अर्थ-

(1) देर से उपाय करने से सब नष्ट हो जाता है।
(2) लापरवाही बरबादी के रास्ते खोलती है।

 जब अपनी उतारी तो दूसरों की उतारते क्या देर?
अर्थ-

(1) जिसकी अपनी इज्जत नहीं उसे दूसरे की इज्जत की क्या परवाह?
(2) जिसे अपने मानसम्मान की चिन्ता नहीं, भला वह दूसरों की चिन्ता क्या करेगा?

 

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जबान को लगाम लगाना जरूरी है।

अर्थ-

(1) जो बोलो नापतौल कर बोलो।
(2) जो कहना हो सोचविचारकर कहो।

 जबान खलक नक्कास खुदा।

अर्थ-

(1) जनता की आवाज़ भगवान की आवाज होती है।
(2) आम आदमी की आवाज़ खदा की आवाज होती है।

 जबान तलवार से ज्यादा तेज है।

अर्थ –

(1) शब्दों की मार तलवार की मार से गहरी होती है।
(2) कठोर शब्द गहरा आघात पहुँचाते हैं।

 जान बची लाखों पाये।
अर्थ-

(1) जीवन सुरक्षित रहना लाखों पा लेने जैसा है।
(2) जिन्दगी बची रही नुकसान की चिन्ता नहीं।

 जाय लाख रहे साख।

अर्थ-

(1) इज्जत बची रहे, भले ही नुकसान कितना भी हो जाय।
(2) सब कुछ खोकर भी बात बनी रहनी चाहिए।

 जाको राखे साईयां मार सके न कोय।

अर्थ-

(1) जिस पर ईश्वर का वरदहस्त हो उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
(2) जिसको भगवान् बचाना चाहें उसे कोई नहीं मार सकता।

 जैसा बोओगे वैसा काटोगे।

अर्थ-

(1) गलत का परिणाम गलत ही मिलेगा।
(2) जैसा व्यवहार करोगे वैसा व्यवहार पाओगे।

Muhavare in Hindi

 जाहिरा सूरत पर मत जाओ।

अर्ध-

(1) आदमी की शक्ल नहीं अक्ल देखनी चाहिए।
(2) आदमी की शक्ल से उसका अन्दाजा नहीं लगाना चाहिए।

 

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 जैसी तेरी तूमड़ी वैसा तेरी गीत।
अर्थ-

(1) काम क अनुसार दाम।
(2) चीज के अनुरूप उसका मूल्य ।
 जो आता है अपना सिक्का चलाता है।
अर्थ-

(1) नया मालिक अपने हिसाब से काम कराता है।
(2) नया मालिक अपने नियम लागू करता है।

 जिसका दुःख वही जानता है।
अर्थ-

(1) जिस पर विपत्ति पड़ती है उसे वही जानता है।
(2) दूसरे की कठिनाइयों का दूसरों को अहसास नहीं होता।

 

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 जिसका जूता उसके सिर।
अर्थ-

(1) जिसका माल वही चोर कहलाये ।
(2) जिसका नकसान हो उसे ही दोषी ठहराया जाये।

 जिस काम से रोका जाय उसी को जी चाहे।

अर्थ-

(1) जिस काम को करने से रोको इन्सान उसी को करना चाहता  जिज्ञासा
(2) जिसके लिए मना करो उसके प्रति उत्पन्न होती है।

जितना धन उतनी चिता।

अर्थ-

(1) जिस पर जितना ज्यादा धन होता है उसे उतनी ही ज्यादा चिन्ता
(2) ज्यादा धनवान को हमेशा सुरक्षा की चिन्ता बनी रहती है।

जैसा आया वैसा गया।

अर्थ-

-(1) जिस तरीके से धन कमाया था उसी तरीके से चला गया।
(2) जैसे एकत्र किया था वैसे ही देना पड़ा।

 जिस काम पर ध्यान न दो, वही बिगड़ जाता है।
अर्थ-

(1) जिस धंधे पर ध्यान न दो वह चौपट हो जाता है।
(2) व्यापार से ध्यान हटते ही हानि होती है।

 जिनके गेहूं नहीं, वह चने की रोटी से ही राजी।

अर्थ-

(1) कमी में जो भी हो उसी से खुश।
(2) कम प्राप्त होने पर भी सुखी महसूस करना।

 जितने नर उतनी बुद्धि।
अर्थ-

(1) हर आदमी की अलगअलग राय होना।
(2) जितने ज्यादा व्यक्ति उतनी ही ज्यादा सलाह।
 जैसा राजा वैसी प्रजा।
अर्थ-

(1) जैसा शासक होता है वैसी ही जनता हो जाती है।
(2) जैसा मालिक होता है वैसे ही नौकर हो जाते हैं।

 जैसी करनी वैसी भरनी।
अर्थ-

(1) जो जैसा करता है उसे वैसा ही फल मिलता है।
(2) आदमी को अपने कर्मों के अनुसार ही भोगना पड़ता है।
 जो गरजते हैं वो बरसते नहीं।
अर्थ

(1) लम्बी-लम्बी हांकने वाले कुछ नहीं कर पाते।
(2) झूठी धौंस देने वाला किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

 

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 जूतम पैजार होना।
अर्थ-

(1) विवाद होना।
(2) बिना बात झगड़ा होना।

 जूतियों में दाल बंटना।
अर्थ-

(1) छोटेछोटे टुकड़ों में बंटवारा हो जाना।
(2) जिसके हाथ जो लगा वह वही ले भागा।

 जूती चटकाते फिरना।
अर्थ

(1) अवारागर्दी करते रहना ।
(2) बिना काम के इधरउधर घूमते रहना।

 

जितनी चादर उतने पैर फैलाना।

अर्थ-

(1) अपनी सीमा के अन्दर रहना।
(2) अपनी हैसियत के अनुसार काम करना।

 जंग और प्यार में सब जायज है।

अर्थ-

(1) लड़ाई तथा प्यार में अपने पक्ष में उठाया हर कदम सही है।
(2) यद्ध तथा प्यार में अपनाया गया हर हथकंडा उचित होता है।

 जो घर न देखावही ठीक है।

अर्थ-

(1) जिसकी वास्तविकता का ज्ञान न हो, वही बढ़िया नजर आता है।
(2) जिसके बारे में ढंग से जानकारी नहीं होती, वह अच्छा नजर आता है।

 जान की बाजी लगाना।

अर्थ-

(1) जान पर खेल जाना।
(2) अदम्य साहस का परिचय देना।

 जान जोखिम में डालना।
अर्थ-

(1) बड़े खतरे से जूझना।
(2) खतरे की परवाह किये बिना काम को अंजाम देना।

जैसे को तैसा।
अर्थ-

(1) जैसा करोगे वैसा फल पाओगे।
(2) बुराई का फल बुरा ही निकलता है।

 जितना गुड़ डालोगेउतना ही मीठा होगा।
अर्थ-

(1) ज्यादा मेहनत का फल मीठा होता है।
(2) जितनी लागत लगेगी माल उतना ही बढ़िया बनेगा।

 जहाँ देखी तबा-परात, वही गुजारी सारी रात।
अर्थ-

(1) जहाँ खानेठहरने का अवसर देखा वहीं जम गये।
(2) स्वार्य पूर्ण होने वाली जगह का होकर रह जाना।

 जाके फटे न पैर बिवाई, वो क्या जाने पीर पराई।

अर्थ-

(1) जिस पर बुरा वक्त नहीं पड़ा वह दूसरे का दु:ख क्या समझे।
(2) जिसने परेशानी नहीं , उसे दूसरे की परेशानी का अहसास नहीं हो सकता।
 जंगल में मोर नाचा किसने देखा।

अर्थ-

(1) जहाँ कद्रदान न हो वहाँ कला का प्रदर्शन करना।
(2) जिससे किसी का भला न हो ऐसे काम करना।

 जिन खोजा तिन पाईयां गहरे पानी पैठ ।
अर्थ-

(1) कड़ी मेहनत से ही अच्छी सफलता प्राप्त होती है।
(2) श्रम का उचित फल जरूर मिलता है।

 

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झक मारना।

अर्थ-

(1) उल्टी-सीधी बात करना।
(2) बिना सिरपैर की बात करना।

 झाड़ मारना।
अर्थ-

(1) सारे माल पर हाथ साफ कर देना।
(2) सारा सामान चोरी हो जाना।

 झंडे गाड़ना।

अर्थ-

(1) नाम ऊंचा करना।
(2) बढ़िया जीत दर्ज करना।

 झंझट मोल लेना।
अर्थ-

(1) बिना बात के विवाद में पड़ना।
(2) बैठेबिठाये विपत्ति गले में डाल लेना।

 

कहने से कुम्हार गधे पर नहीं चढ़ता।
अर्थ

(1) जिद्दी आदमी दूसरों के कहने से काम नहीं करता।
(2) मूर्ख व्यक्ति किसी की अच्छी सलाह भी नहीं मानता।

कभी गाड़ी नाव पर, कभी नाव गाड़ी ।

अर्थ-

(1) परिस्थितियों में परिवर्तन होना।
(2) व्यापार में उतारचढ़ाव आना।

 कभी ईद कभी रोजा।
अर्थ-

(1) कोई स्थायी काम न होना।
(2) कभी पैसा होना तो कभी जेब खाली होना।

कब्र का हाल मुर्दा ही जाने।

अर्थ-

(1) अपने अन्दर के हालत आदमी स्वयं ही जानता है।
(2) अपनी परेशानी व्यक्ति स्वयं ही समझ सकता है।

 कसाई का माल कटरा नहीं खा सकता।

अर्थ-

(1) ताकतवर व्यक्ति से कोई बेईमानी नहीं कर सकता।
(2) प्रभावशाली व्यापारी का माल कोई नहीं हजम कर सकता।

 काम की न काज की, अढ़ाई सेर अनाज की।

अर्थ-

(1) खाली बैठकर खाना।
(2) काम-धन्धा करने के बजाय खर्चा करते रहना।

 कब्र खोदना।

अर्ध-

(1) भारी नुकसान पहुंचा देना।
(2) खामियों को उजागर करबदनाम कर देना।

कानीकानी कहूं ना, कानी बिना रह नाकर देना

अर्थ-

(1) साथ रहने वाले की ही बुराई ।
(2) जिसके बिना नहीं रह सकते उसी से लड़ते रहना।

 कर भला सो हो भला।

अर्थ-

(1) जो अच्छा करता है उसके साथ अच्छा ही होता है।
(2) भलाई करने वाले के साथ भलाई ही होती है।

कुछ नहीं से थोड़ा भला ।

अर्थ

(1) कुछ न करने से थोड़ा करना भी बेहतर रहता है।
(2) कुछ प्राप्त न होने से थोड़ा प्राप्त होना ही अच्छा है।

 कानी के ब्याह को सौ जोखों।

अर्थ –

(1) किसी काम को करने में कोई न कोई रुकावट उत्पन्न होना।
(2) बनता-बनता काम किसी न किसी कारण से बिगड़ना।

 कभी निराश न हो।

अर्थ-

(1) हमेशा हिम्मत से काम लेना।
(2) कभी घबराकर हार न मानना।

काली माँ के गोरे बच्चे।

(1) नालायक व्यक्ति की होनहार सन्तान होना।
(2) असफल व्यक्ति के कामयाब बच्चे होना।

 करने की सौ राह।

अर्थ

(1) करने वाले को काम की कमी नहीं रहती।
(2) काम करने की लगन नयेनये रास्ते खोलती है।

कविता चित्त को प्रफुल्लित करती है।

अर्थ

(1) अच्छी बातों से मन प्रसन्न होता है।
(2) अच्छे कार्यों से मन उल्लास से भर जाता है।

 कल किसने देखा?

अर्थ

(i) iग वाले समय का किसी को पता नहीं होता ।
(2) आने वाला समय अच्छा होगा इसका किसी को पता नहीं होता।

 कमीने मित्र से सदा भय।
अर्ध-

(1) अविश्वसनीय साथी से हमेशा धोखे का खतरा रहता है।

(2) दोगले व्यक्ति से हमेशा सावधान रहना चाहिए।

 कहीं बूढ़े तोते पढ़ते हैं?
अर्थ-

(1) कामचोर व्यक्ति से काम करने की उम्मीद रखना व्यर्थ है।
(2) आलसी आदमी कभी काम नहीं कर सकता

कहीं गधा भी घोड़ा बन सकता है?
अर्थ

(1) नालायक व्यक्ति बनना सम्भव
(2) बेईमान व्यक्ति से ईमानदार बनने की आशा रखना मूर्खता है।

 कुत्ते की पूंछ टेढ़ी ही रहती है।

अर्थ

1) गलत व्यक्ति गलत आदत नहीं (छोड़ सकता
(2) भला आदमी बुरा काम नहीं कर सकता।

कुत्ता भौंके तो चन्द्रमा को क्या।
अर्थ

(1) बुरे व्यक्ति के लांछन लगाने से भले व्यक्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
(2) गलत आदमी की बकवास करने से अच्छे व्यक्ति की प्रतिष्ठा पर आँच नहीं आती।

 कर भला तो हो भला।

अर्थ

(1) अच्छा करने वाले का अच्छा ही होता है।
(2) भलाई करने वाले को भलाई ही मिलती है।

कम खर्च वाला नशीन।
अर्थ-

(1) कम लागत में बढ़िया काम करना।
(2) थोड़ा खर्च करके अच्छा करके दिखाना।

 कुत्ते को कभी भी हजम नहीं होता।

अर्थ-
(1) छिछोरा आदमी किसी बात को छिपाकर नहीं रख सकता।
(2) गलत प्रवृत्ति का आदमी सारी कमजोरी बता देता है।

कुम्हारी अपने बर्तनों को सराहती है।

अर्थ-

(1) कुशल व्यापारी अपने माल की ढंग से तारीफ करता है।
(2) कोई व्यक्ति अपने सामान को खराब नहीं बताता।

 काम को सिखाता है।

अर्थ-

(1) काम करते रहने से कला में निखार आता है।
(2) काम ही आदमी को सफल कारीगर बनाता है।

 कौन है जिससे गलती नहीं होती।

अर्थ –

(1) प्रत्येक व्यक्ति कभी न कभी गलती करता है।
2) ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होता जो गलती न कर सके।

 कौन सुख ऐसा नहीं जिसमें दुःख न होय।

अर्थ

(1) ऐसा कोई सुख नहीं होता जिसमें कोई कष्ट न हो।
(2) हर सुख में कोई न कोई दर्द अवश्य छुपा रहता है।

 कौवे के कोसने से ढोर नहीं मरते।
अर्थ-

(I) किसी के चाहने से बुरा नहीं होता।
(2) किसी के गाली बकने से दूसरे का कुछ नहीं बिगड़ता।

 किसी के घर में लगी आग में हाथ सेंकना।
अर्थ-

(1) किसी के दुःखों से खुश होना।
(2) किसी की परेशानियों से अपनी स्वार्थ पूर्ति करना।

 काम प्यारा होता है चाम नहीं।

अर्थ –

(1) आदमी के काम का सम्मान होता है उसके रंग-रूप का नहीं।
(2) आदमी की मेहनत अच्छी लगती है उसकी सुन्दरता नहीं।

 काल के गाल में सब चले जाते हैं।

अर्थ

(1) मृत्यु सभी की निश्चित है।
(2) काल से कोई नहीं बच सकता।

 कमबख्ती जब आवेऊंट चढ़े तो कुत्ता काटे।

अर्थ-

(1) बुरा समय आने पर सारे बचाव के उपाय भी बेकार साबित होते हैं।
(2) बुरा समय हर हालत में नुकसान पहुंचाता है।

 काम ही कारीगर बनाता है।

अर्थ-

(1) श्रम ही व्यक्ति के कार्य में निखार लाता है।
(2) काम करते रहने से सिद्धहस्तता प्राप्त होती है।

 कांटे से कांटा निकलता है।

अर्थ-

(1) बुरे का जवाब बुरा बनकर ही देना सम्भव है।
(2) जो जैसा व्यवहार करे उससे वैसा ही व्यवहार करना जरूरी होता
है।

 कर बुरा तो हो बुरा।

अर्थ

(1) बुरा करने वाले का कभी भला नहीं होता।
(2) गलत काम का गलत ही परिणाम निकलता है।

 करे कराये पर पानी फिरना।

अर्थ-

(1) करने के बाद बुराई मिल जाना।
(2) बनाबनाया काम बिगड़ जाना।

 

मुहावरा – डंके की चोट पर कहना।
अर्थ

1) – (सरे आम बात कहना।
(2) बिना डर के खरी बात कहना।
(3) जिसकी गलती हो उसके मुंह पर कहना।
(4) सही बात सबके सामने कह देना।

प्रयोग – सही व्यक्ति किसी भी बात को डंके की चोट पर कहने से नहीं

मुहावरा – डकार जाना।

अर्थ –

(1) बेईमानी कर लेना।
(2) किसी की रकम हड़प कर जाना।
(3) किसी की सम्पत्ति कब्जा लेना।
(4) दूसरे का माल पचा जाना।

प्रयोग – कुछ भ्रष्ट अधिकारी विकास का पैसा विकास में लगाने के बजाय उसे डकार जाते हैं।

 

मुहावरा – डींग मारना।

अर्थ –

(1) अपनी सफलता को बढ़ा-चढ़ाकर बताना।
(2) बड़ीबड़ी बातें करना।
(3) अपनी तारीफ के पुल बांधना।
(4) लम्बी-लम्बी फेंकना।

प्रयोग – सुरेश की यह आदत है कि वह अपने बारे में डींगे मारता फिरता

 

मुहावरा-  उबते को तिनके का सहारा।

अर्थ –

(I) परेशान व्यक्ति को मददगार मिलना।
(2) विपत्ति में किसी सहयोग मिलना।
(3) भटके हुए को सही राह मिल जाना। ।
(4) उलझे हुए व्यक्ति को सही सलाह मिल जाना।

प्रयोग- अरुण का व्यवसाय चौपट होने पर सतीश ने उसकी आर्थिक मदद करके उसका व्यवसाय फिर जमवा दिया, इसको कहते हैं डूबते को तिनके का सहारा।

मुहावरा – तलवे चाटना।

अर्थ –

(1) हर समय चमचागिरी करना ।
(2) बेकार की तारीफ करना।
(3) हाँ में हाँ मिलाना।
(4) हर समय चापलूसी करना।

‘ ‘ प्रयोग – सुरेश अपना प्रमोशन हो जाने की चाह में अपने अधिकारी के
तलवे चाटता रहा परन्तु उसका प्रमोशन नहीं हुआ।

मुहावरा – ताल ठोंकना।

अर्थ –

(1) झगड़े में कूदने को तैयार रहना।
(2) लड़ाईझगड़े की धमकी देना।
(3) लड़ाईझगड़े पर उतारू रहना।
(4) भुगत लेने की चेतावनी देना।

प्रयोग – विशाल छोटी-छोटी बातों पर भी लड़ने के लिए ताल ठोंक कर मैदान में आ जाता है।

मुहावरा – तिनका-तिनका जोड़कर घासला बनाना।

अर्थ –

(1) थोड़ा-थोड़ा जोड़कर ज्यादा एकत्र कर लेना।
(2) पैसापैसाजोड़कर व्यापार शुरू करना।
(3) छोटी-छोटी बचत करके सम्पन्न हो जाना।
(4) मामूली धन्धे को धीरे-धीरे बड़ा कर लेना।

प्रयोग – नरेश ने तिनकातिनका जोड़कर अपना अच्छा-खासा व्यवसाय जमा लिया।

Muhavare in Hindi with Pictures

 

1. झोपड़ी में रहकर महलों के ख्वाब देखना।
अर्थ-

(1) जमीन पर रहकर आसमान की बात सोचना।
बनाना
(2) कुछ न होने पर भी बड़ी योजनाएँ ।

 

2. झूठ-सच लगाना।

अर्थ-

– (1) इधरउधर की लगाना।
(2) झूठसूच बोलकर झगड़ा करा देना।

3.  झाड़ पिलाना।
अर्थ-

(1) डाट लगाना।
(2) धमकाना।

4.  झांसे में आना।

अर्थ-

(1) मूर्ख बन जाना।
(2) बहकावे में आ जाना।

 

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5. आँख दिखाना-(गुस्से से देखना)-

जो हमें आँख दिखाएगा, तो हम उसकी आँखें फोड़ देगें।

6. आँखों में गिरना-(सम्मानरहित होना)-

कुर्सी की होड़ ने सरकार को जनता की आँखों में गिरा दिया।

7. आँखों में धूल झोंकना-(धोखा देना)-

शिवाजी मुगल पहरेदारों की आँखों में धूल झोंककर बंदीगृह से बाहर निकल गए।

8. आँख चुराना-(छिपना)-

आजकल मेरा मित्र  मुझसे आँखें चुराता फिरता है।

9. आँख मारना-(इशारा करना)-

गवाह मेरे भाई का मित्र निकला, उसने उसे आँख मारी, अन्यथा वह मेरे विरुद्ध गवाही दे देता।

10. आँख तरसना-(देखने के लालायित होना)-

तुम्हें देखने के लिए मेरी तो आँखें तरस गई।

11. आँख फेर लेना-(प्रतिकूल होना)-

प्रिया ने आजकल मेरी ओर से आँखें फेर ली हैं।

12. आँख बिछाना-(प्रतीक्षा करना)-

प्रिया गुप्ता जिधर जाती है  उधर ही लड़के उसके लिए आँखें बिछाए खड़े होती है ।

13. आँखें सेंकना-(सुंदर वस्तु को देखते रहना)-

आँख सेंकते रहोगे या कुछ करोगे भी|

14. आँखें चार होना-(प्रेम होना,आमना-सामना होना)-

आँखें चार होते ही वह खिड़की पर से हट गई।

15. आँखों का तारा-(अतिप्रिय)-

अप्पू अपनी माँ की आँखों का तारा है।

16. आँख उठाना-(देखने का साहस करना)-

अब वह कभी भी मेरे सामने आँख नहीं उठा सकेगा।

 

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17. आँख खुलना-(होश आना)-

जब लोगो ने उसकी सारी संपत्ति हड़प ली तब उसकी आँखें खुलीं।

18. आँख लगना-(नींद आना )-

बड़ी मुश्किल से अब उसकी आँख लगी है। आजकल आँख लगते देर नहीं होती।

19. आँखों पर परदा पड़ना-(लोभ के कारण सचाई न दीखना)-

जो दूसरों को ठगा करते हैं, उनकी आँखों पर परदा पड़ा हुआ है। इसका फल उन्हें अवश्य मिलेगा।

Hindi Muhavare

Hindi Muhavare

20. आँखों का काटा-(अप्रिय व्यक्ति)-

अपनी कुप्रवृत्तियों के कारण रेनू पिताजी की आँखों का काँटा बन गयी।

 

 

21. आँखों में समाना-(दिल में बस जाना)-

वो लड़की ही ऐसी थी मैं क्या करता पहली ही नजर में आँखों में समा गयी ।

22. अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना – (स्वयं अपनी प्रशंसा करना ) –

अच्छे आदमियों को अपने मुहँ मियाँ मिट्ठू बनना शोभा नहीं देता ।

23. अक्ल का चरने जाना – (समझ का अभाव होना) –

इतना भी समझ नहीं सके ,क्या अक्ल चरने गए है ?

24. अपने पैरों पर खड़ा होना – (स्वालंबी होना) –

युवकों को अपने पैरों पर खड़े होने पर ही विवाह करना चाहिए ।

25. अक्ल का दुश्मन – (मूर्ख) –

राम तुम मेरी बात क्यों नहीं मानते ,लगता है आजकल तुम अक्ल के दुश्मन हो गए हो ।

26. अपना उल्लू सीधा करना – (मतलब निकालना) –

आजकल के नेता अपना अपना उल्लू सीधा करने के लिए ही लोगों को भड़काते है ।

27. आसमान से बातें करना – (बहुत ऊँचा होना) –

आजकल ऐसी ऐसी इमारते बनने लगी है ,जो आसमान से बातें करती है ।

28. ईंट से ईंट बजाना – (पूरी तरह से नष्ट करना) –

राम चाहता था कि वह अपने शत्रु के घर की ईंट से ईंट बजा दे।

29. ईंट का जबाब पत्थर से देना – (जबरदस्त बदला लेना) –

भारत अपने दुश्मनों को ईंट का जबाब पत्थर से देगा ।

30. ईद का चाँद होना – (बहुत दिनों बाद दिखाई देना) –

राम ,तुम तो कभी दिखाई ही नहीं देते ,ऐसा लगता है कि तुम ईद के चाँद हो गए हो ।

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One Response to “Muhavare in Hindi with Pictures Part 2 🤔 – मुहावरे फोटो के साथ भाग 2”
  1. neha March 26, 2018

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