स्वतंत्रता दिवस पर भाषण Independence Day Speech in Hindi

हेलो दोस्तों आज हम एक नहीं केटेगरी शुरू कर रहे है जिसमे हम आपको अलग अलग प्रकार के भाषण यानि speech देंगे जो आप अपने स्कूल या अपने ऑफिस के फंशन में बोल सकते है। आज के आर्टिकल का टॉपिक है independence day speech in hindi मतलब स्वतंत्रता दिवस पर भाषण। सभी के लिए इस भाषण को समझना बहुत आसान होगा क्योकि ये एकदम सरल हिंदी में बताएँगे। आईये पढ़ते है स्वतंत्रता दिवस पर भाषण  

Independence Day Speech in Hindi

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण

सभी आदरणीय अध्यापकगण और मेरे प्यारे मित्रो आप सभी को नमस्कार। आज हम लोग यहाँ पर 70 वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिये एकता हुए है।
आज में बहुत खुश हु क्योकि भाषण देने का मौका मुझे मिला है में अपने अद्यापकों का बहुत आभारी मानता हु जिन्होंने मुझे स्वतंत्रता दिवस पर भाषण  का मौका दिया।

भारत में जिस प्रकार सामाजिक और धार्मिक पर्व त्योहार) धूमधाम से मनाए जाते हैं वैसे ही स्वतंत्रता दिवस भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। स्वतंत्रता दिवस एक राष्ट्रीय पर्व है, जो 15 अगस्त को बड़ी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसी दिन हमारा देश विदेशी दासता से मुक्त हुआ था और अंग्रेज़ देश के शासन की बागडोर हमारे हाथों में सौंपकर भारत छोड़कर अपने देश लौट गये थे। इसलिए हम सब इस दिन को ऐतिहासिक दिन के रूप में मनाते हैं।

 

स्वतंत्रता दिवस का हम सबके लिए बहुत महत्व है। क्योंकि देश को स्वतंत्र कराने के लिए हमारे देश के हज़ारों वीर जवानों ने अपने प्राणों की बलि दी है।

अनेक नेताओं ने स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए जेलों की यातनाएँ भोगी हैं। वे अंग्रेजों द्वारा दी गई यातनाओं से डिगे नहीं, बल्कि जी-जान से कोशिश में जुटे रहेतब कड़ी मेहनत और बलिदानों के बाद हमारा देश स्वतंत्र हो सका। स्वतंत्रता दिवस सभी स्तरों राष्ट्रीयप्रान्तीय और स्थानीय -पर बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

राष्ट्रीय स्तर पर भारत की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर पर झण्डा फहराते हैं और देश के नाम संदेश प्रसारित करते हैं। अन्य राज्यों की राजधानी में भी स्वतंत्रता दिवस बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है। राज्यों के मुख्यमंत्री जनता को संबोधित करते हैं और प्रदेश की प्रगति की योजनाओं से जनता को अवगत कराते हैं। छोटे-बड़े सभी नगरों में इस अवसर पर अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, जिनमें ध्वजारोहणराष्ट्रगान और उत्साहवर्धक भाषण प्रमुख हैं।

हमारे विद्यालय में भी स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। हम प्रातकाल 8 बजे विद्यालय के प्रांगण में एकत्रित हो जाते हैं। फिर प्रधानाचार्य और अन्य अध्यापक उपस्थित होते हैं।  राष्ट्रगान के साथ उत्सव आरंभ होता है और प्रधानाचार्य तिरंगा झण्डा फहराते हैं। तत्पश्चात् एक-एक करके विद्यार्थी देशभक्ति के गीत गाते हैं, फिर अध्यापकगण और प्रधानाचार्य भाषण देते हैं और छात्रों को स्वतंत्रता दिवस का महत्व बताते हैं। इस प्रकार स्वतंत्रता दिवस सभी स्थानों पर धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिवस हमें याद दिलाता है कि इस दिन हम अंग्रेजों की गुलामी की बेड़ियों से आज़ाद हुए थे।हम सबको अपने असली हीरो को नहीं भूलना चाहिए सरदार भगत सिंह , राम प्रसाद बिस्मिल, उधम सिंह , मंगल पांडेय , बटुकेश्वर दत्त जैसे वीरो को हमेशा याद रखना चाहिए

देश की स्वतंत्रता के लिए हमारे वीरों को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी, अत: हमें इसकी तन-मन-धन से रक्षा करनी चाहिए। और अवसर पड़ने पर भारत की एकता और अखण्डता के लिए अपना बलिदान देने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। अपने देश के लिए हम सबका यही परम कर्तव्य है।

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स्वतंत्रता दिवस हर वर्ष 15 अगस्त की तिथि को मनाया जाता है। 15 अगस्त, 1947 के दिन भारत ने अंग्रेज़ी उपनिवेश की जकड़नों को तोड़कर स्वतंत्रता का नवप्रभात देखा था। यह स्वर्णिम दिन लगभग सवा सौ वर्षों तक चले अनवरत संघर्ष के बाद आया। इसके बाद देश की छवि बदली और नवनिर्माण का दौर आरंभ हुआ। स्वतंत्र भारत आज दुनिया के विकसित देशों की पंक्ति में खड़ा होने के लिए लालायित दिखाई दे रहा है। स्वतंत्रता दिवस संपूर्ण राष्ट्र का उत्सव है। इस दिन को पूरे राष्ट्र में बहुत उल्लास के साथ मनाया जाता है। राष्ट्र के स्वाभिमान का प्रतीक तिरंगा झंडा समारोहपूर्वक फहराया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस के सरकारी और गैर-सरकारी कार्यक्रमों में जनता बढ़-चढ़कर भागीदारी करती है। ‘जन-गण-मन, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंदके स्वरों से आसमान गुंजित हो उठता है। देशभक्ति के गीतों को सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। लोग देश की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए संकल्पित दिखाई देते हैं।

राजधानी दिल्ली में हर वर्ष पंद्रह अगस्त के दिन भव्य समारोह होता है। लाल किला तथा इसका पूरा परिक्षेत्र विशेष रूप से सजा-धजा और समारोह के लिए तैयार दिखाई देता है। प्रात: साढ़े सात बजे देश के प्रधानमंत्री यहाँ आकर ध्वजारोहण करते हैं। जनगण-मन की धुन बज उठती है। फिर प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण रेडियो और टेलीविजन पर किया जाता है।

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प्रधानमंत्री अपनी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हैं। वे सरकार के आगामी कार्यक्रमों के बारे में बताते हैं। उपस्थित दर्शक, नेतागण, राजदूतविशिष्ट अतिथिगण उनकी बातें ध्यानपूर्वक सुनते हैं। प्रधानमंत्री तीन बार ‘जय हिंद’ बोलकर अपना भाषण समाप्त करते हैं। तब यह समारोह समाप्त हो जाता है। इसी तरह के समारोह विभिन्न राज्यों की राजधानियों में भी होते हैं। राज्य के मुख्यमंत्री परेड का निरीक्षण करते हैं और तिरंगा झंडा फहराते हैं।

फिर वे राज्य की जनता को संबोधित करते हैं। वे अपनी जनता के लिए कल्याणकारी कार्यक्रमों की घोषणा भी करते हैंजिला मुख्यालयों में जिले के कलक्टर झंडा फहराते हैं तथा भाषण देते हैं। विद्यालयोंकॉलेजों, सरकारी कार्यालयों तथा सभी मुख्य स्थानों पर झंडोत्तोलन और राष्ट्रगान के कार्यक्रम होते हैं।

स्कूली बच्चे इन कार्यक्रमों में बहुत उत्साह से भाग लेते हैं। वे रंगीन गुब्बारे उड़ाते हैं तथा हाथों में तिरंगा झंडा फहराते हैं। स्वतंत्रता दिवस के दिन लोग आसमान में पतंगें तथा गुब्बारे उड़ाकर अपना उल्लास प्रकट करते हैं। नेतागण विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।

जनसमूह इन कार्यक्रमों में उत्साह से भाग लेता है। सरकार जनता के लिए कल्याणकारी कार्यक्रमों का शुभारंभ करती है। लोग एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हैं। बच्चों मिठाइयाँ, टॉफ़ियाँ और फल बाँटे जाते हैं। रात के समय राजधानी की सरकारी इमारतों में विशेष रोशनी की जाती है। राष्ट्रपति भवनसंसद भवन तथा अन्य इमारतें बिजली की झिलमिल रोशनी से जगमगा उठती हैं।

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15 अगस्त का दिन उन शहीदों को स्मरण करने का दिन है जिन्होंने देश की स्वतंत्रता की खातिर अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी थी। सैंकड़ों फाँसी पर झूल गए और सैंकड़ों ने काले पानी की सज़ा काटी। हज़ारों ने अंग्रेजी हुकूमत की बर्बरता सही और उनकी लाठियों और गोलियों के शिकार हुएलाखों लोगों ने हँसतेहँसते जेलयात्राएँ कीं। गाँधीजी के नेतृत्व में हुए जन आंदोलन में देश की जनता ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। लोगों ने अपने निजी सुखों का त्याग कर दिया।

स्वतंत्रता के लिए लंबी जद्दोजहद करनी पड़ी। अंग्रेजों की चाल कुटिल थी, उन्होंने देश के दो टुकड़े कर दिए। पाकिस्तान नामक एक नए राष्ट्र का उदय हुआ। स्वतंत्र भारत को कई नई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ाआज स्वतंत्रता के लिए सबसे बड़ी चुनौती मजहबी जुनून और आतंकवाद है। हम एकजुट रहकर ही इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।

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