Atal Bihari Vajpayee History in Hindi अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन परिचय

Atal Bihari Vajpayee History in Hindi अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन परिचय
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हेलो दोस्तों आज हम आपके Atal Bihari Vajpayee History in Hindi या अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन परिचय के बारे में बहुत सारी बातें बातयेंगे ताकि आप
इस महान नेता और कवी को जान सको। अटल बिहारी वाजपेयी हमारे दसवें प्रधानमंत्री थे उन्होंने 6 May to 1 June 1996 और 19 March 1998 to 22 May 2004 तक तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। इस आर्टिकल में हम आपको उनके बचपन से जवानी तक का सफर के बारे में सारी जानकारी देंगे।आईये शुरू करते है Atal Bihari Vajpayee History in Hindi या अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन परिचय

अटल जी 4 दशकों से भारतीय संसद के सदस्य थे इसके साथ साथ लोकसभा, निचले सदन, के 10 बार, और 2 बार राज्य सभा, ऊपरी सदन में चुने गए थे। उन्होंने लखनऊ के लिए संसद सदस्य के रूप में कार्य किया,

अटल जी आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे, जिन्होंने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के 5 साल बिना किसी समस्या के पूरे किए। उन्होंने 24 दलों के गठबंधन से सरकार बनाई थी जिसमें 81 मन्त्री थे।

अटल जी ने 2005 में राजनीति से संन्यास ले लिया था और नई दिल्ली में 6 A कृष्णामेनन मार्ग स्थित सरकारी घर में रहते थे ।अटल वाजपेयी अपने पूरे जीवन अविवाहित रहे।उन्होंने अपने दोस्त की बेटी नमिता भट्टाचार्य को उन्होंने दत्तक पुत्री के रूप में स्वीकार किया। अटल जी के साथ नमिता और उनके पति रंजन भट्टाचार्य रहते थे।

16 August 2018 को एक लम्बी बीमारी के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली में श्री अटल वाजपेयी का निधन हो गया।

Atal Bihari Vajpayee History in Hindi

Atal Bihari Vajpayee History in Hindi

Atal Bihari Vajpayee History in Hindi

 

  • अटल जी का पूरा नाम अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) है
  • अटल जी की जन्मतिथि : 25 December 1924
  • अटल जी का जन्मस्थान : ग्वालियर, मध्यप्रदेश भारत
  • अटल जी की माता : कृष्णा देवी (Krishna Devi)
  • अटल जी के पिता : कृष्णा बिहारी वाजपेयी (Krishna Bihari Vajpayee)
  • अटल जी की राजनैतिक पार्टी : भारतीय जनता पार्टी (BJP)
  • अटल जी का पद : भारत के प्रधानमन्त्री (Prime Minister of India) और 10 बार लोकसभा सांसद
  • अटल जी के पुरष्कार : भारत रत्न, पद्म विभूषण, डी.लिट, लोकमान्य तिलक पुरष्कार, लिबरेशन वार अवार्ड, श्रेष्ट सांसद पुरष्कार,
  • अटल जी की मुँह बोली पुत्री का नाम : नमिता (Namita)
  • अटल जी की मृत्यु (Death) : 16 August 2018.. नहीं रहे अटल जी

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Atal Bihari Vajpayee जी का शुरुवाती जीवन

अटल जी जन्म ग्वालियर में कृष्णा देवी और कृष्णा वाजपेयी के घर में हुवा था। उनके दादा उनके पुराने घर बटेश्वर जो उत्तर प्रदेश से ग्वालियर आकर रहने लग गए थे।

Atal Bihari के परिवार में 7 भाई बहन थे जिनके नाम है उर्मिला मिश्रा ,कमला देवी , विमला मिश्रा, प्रेम बिहारी वाजपेयी, अवध बिहारी वाजपेयी, सुदा बिहारी वाजपेयी और एक अटल जी . उनके पिता पण्डित कृष्ण बिहारी वाजपेयी जो की मध्य प्रदेश की ग्वालियर रियासत में अध्यापक थे। उनके पिता हिन्दी व ब्रज भाषा के कवी भी थे।

अटल जी ने शुरुवाती शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर जो ग्वालियर में है वहा से की। उसके बाद 1934 में उनके पिता AVM School बरनगर Distt उज्जैन में हेडमास्टर बन गए तो आगे की पढ़ाई उन्होंने वहा से की।

अटल जी ने बी॰ए॰ की शिक्षा ग्वालियर के विक्टोरिया कालेज जिसका अब नाम लक्ष्मीबाई कालेज है उससे की।  छात्र जीवन से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने और तभी से राष्ट्रीय स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे।

कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति शास्त्र में एम॰ए॰ की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की।

उसके बाद उन्होंने अपने पिताजी के साथ-साथ कानपुर में ही एल॰एल॰बी॰ की पढ़ाई भी प्रारम्भ की लेकिन उसे बीच में ही छोड़ कर पूरी निष्ठा से संघ के कार्य में जुट गये। डॉ॰ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के निर्देशन में राजनीति का पाठ तो पढ़ा ही, साथ-साथ पाञ्चजन्य, राष्ट्रधर्म, दैनिक स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन का काम भी करने लगे

अटल जी के असाधारण कार्यों के लिये 2015 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

अटल जी का राजनीतिक जीवन

अटल जी भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वालों में से एक थे और सन् 1968 to 1973 तक उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके थे। सन् 1955 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा, परन्तु सफलता नहीं मिली। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सन् 1957 में बलरामपुर (जिला गोण्डा, उत्तर प्रदेश) से जनसंघ के प्रत्याशी के रूप में विजयी होकर लोकसभा में पहुँचे।

सन् 1957 to 1977 तक जनता पार्टी की स्थापना तक वे बीस वर्ष तक लगातार जनसंघ के संसदीय दल के नेता रहे। मोरारजी देसाई की सरकार में सन् 1977 से 1979 तक विदेश मन्त्री रहे और विदेशों में भारत की छवि बनाने में बहुत बड़ा योगदान दिया।

1980 में जनता पार्टी से असन्तुष्ट होकर इन्होंने जनता पार्टी छोड़ दी और भारतीय जनता पार्टी BJP की स्थापना में मदद की। April 6, 1980 में बनी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद का दायित्व भी वाजपेयी को सौंपा गया।

दो बार राज्यसभा के लिये भी निर्वाचित हुए। अटल बिहारी वाजपेयी ने सन् 1 99 7 में प्रधानमन्त्री के रूप में देश की बागडोर संभाली। April 19, 1998 को दुबारा प्रधानमन्त्री पद की शपथ ली और उनके नेतृत्व में 13 दलों की गठबन्धन सरकार ने पाँच वर्षों में देश के अन्दर प्रगति के अनेक काम किये।

सन् 2004 में कार्यकाल पूरा होने से पहले भयंकर गर्मी में सम्पन्न कराये गये लोकसभा चुनावों में भा॰ज॰पा॰ BJP के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबन्धन (NDA ) ने वाजपेयी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और भारत उदय (अंग्रेजी में इण्डिया शाइनिंग) का नारा दिया।

इस चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। ऐसी स्थिति में वामपंथी दलों के समर्थन से काँग्रेस ने भारत की केन्द्रीय सरकार पर बनाने का फैसला किया और भा॰ज॰पा॰ विपक्ष में बैठने को मजबूर हुई।

 

प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी क्या क्या काम किये

1. भारत को परमाणु शक्ति वाला राष्ट्र बनाया

अटल सरकार ने 11 और 13 May 1998 को पोखरण में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करके भारत को परमाणु शक्ति संपन्न करके देश को परमाणु शक्ति वाला राष्ट्र घोषित कर दिया। दूसरे देशो की satellite हमारे देश पर नज़र रखने बावजूत परमाणु परीक्षण किसी को भनक तक नहीं लगी लेकिन उसके बाद भारत पर अनेक प्रतिबंध लगाए गए लेकिन वाजपेयी सरकार ने सबका दृढ़तापूर्वक सामना करते हुए आर्थिक विकास की ऊँचाईयों को छुआ।

2. पाकिस्तान से संबंधों में सुधार की पहल

19 फ़रवरी 1999 को सदा-ए-सरहद नाम से दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा शुरू की गई। इस सेवा का उद्घाटन करते हुए प्रथम यात्री के रूप में वाजपेयी जी ने पाकिस्तान की यात्रा करके नवाज़ शरीफ से मुलाकात की और आपसी संबंधों में एक नयी शुरुआत की।

 

3. कारगिल युद्ध

कुछ ही समय पश्चात् पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज़ मुशर्रफ की शह पर पाकिस्तानी सेना व उग्रवादियों ने कारगिल क्षेत्र में घुसपैठ करके कई पहाड़ी चोटियों पर कब्जा कर लिया। अटल सरकार ने पाकिस्तान की सीमा का उल्लंघन न करने की अंतर्राष्ट्रीय सलाह का सम्मान करते हुए धैर्यपूर्वक भारतीय क्षेत्र को मुक्त कराया। इस युद्ध में प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण भारतीय सेना को जान माल का काफी नुकसान हुआ

4. स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना

भारत भर के चारों कोनों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना की शुरुआत की गई। इसके अंतर्गत दिल्ली, कलकत्ता, चेन्नई व मुम्बई के राजमार्गों से जोड़ा गया। ऐसा माना जाता है कि अटल जी के शासनकाल में भारत में जितनी सड़कों का निर्माण हुआ इतना केवल शेरशाह सूरी के समय में ही हुआ था।

 

5. वाजपेयी सरकार के अन्य प्रमुख कार्य

  • एक सौ साल से भी ज्यादा पुराने कावेरी जल विवाद को सुलझाया।
  • राष्ट्रीय राजमार्गों एवं हवाई अड्डों का विकास
  • नई टेलीकॉम नीति तथा कोकण रेलवे की शुरुआत करके मजबूत करने वाले कदम उठाये।
  • आवश्यक उपभोक्ता सामग्रियों की कीमतें नियन्त्रित करने के लिये मुख्यमन्त्रियों का सम्मेलन बुलाया।
  • उड़ीसा के सर्वाधिक गरीब क्षेत्र के लिये सात सूत्रीय गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम शुरू किया।
  • आवास निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए अर्बन सीलिंग एक्ट समाप्त किया।
  • ग्रामीण रोजगार सृजन एवं विदेशों में बसे भारतीय मूल के लोगों के लिये बीमा योजना शुरू की।

 

अटल जी की प्रमुख रचनायें

  1. रग-रग हिन्दू मेरा परिचय
  2. मृत्यु या हत्या
  3. अमर बलिदान (लोक सभा में अटल जी के वक्तव्यों का संग्रह)
  4. कैदी कविराय की कुण्डलियाँ
  5. संसद में तीन दशक
  6. अमर आग है
  7. कुछ लेख: कुछ भाषण
  8. सेक्युलर वाद
  9. राजनीति की रपटीली राहें
  10. बिन्दु बिन्दु विचार, इत्यादि।
  11. मेरी इक्यावन कविताएँ

 

अटल जी जुडी हुई कुछ बातें।

  • आजीवन अविवाहित रहे।
  • वे एक ओजस्वी एवं सिद्ध हिन्दी कवि भी हैं।
  • राजस्थान के पोखरण में भारत का द्वितीय परमाणु परीक्षण किया जिसे अमेरिका की CIA को भनक तक नहीं लगने दी।
  • अटल सबसे लम्बे समय तक सांसद रहे हैं और जवाहरलाल नेहरू व इंदिरा गांधी के बाद सबसे लम्बे समय तक गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी। वह पहले प्रधानमंत्री थे
  • जिन्होंने गठबन्धन सरकार को न केवल स्थायित्व दिया अपितु सफलता पूर्वक संचालित भी किया।
  • अटल ही पहले विदेश मंत्री थे जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी में भाषण देकर भारत को गौरवान्वित किया था।

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