Thought of the day in Hindi – आज के अनमोल विचार [ 100+]

नमस्कार, आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है। तो दोस्तों मुझे पता चला कि बहुत सारे लोग उद्धरण (quotes) पढ़ना पसंद करते हैं। मेरा मतलब है कि विभिन्न विषयों के बारे में प्रेरक और प्रबुद्ध उद्धरणों को पढ़ना पसंद करते हैं, क्योंकि ये संक्षिप्त वाक्य हैं, ज्ञान व्यक्त करते हैं, और प्रेरणा और खुशी को जागृत करते हैं।
लोग उद्धरणों को पढ़ना पसंद करते है, क्योंकि ये प्रेरणादायक विचार कुछ शब्दों में सघन होते हैं। वे एक या कुछ वाक्यों में ध्यान केंद्रित ज्ञान की बूंदियां हैं, जो पाठक की आत्मा को समझ में ला सकता है । उनके पास आशा, महत्वाकांक्षा प्रेरणा, विश्वास और आंतरिक शक्ति जागृत करने की शक्ति है।आप हमारे दिए हुवे Thought of the day in Hindi में पढ़ सकते है और हमें बता सकते है की आपको कैसे लगे ताकी हम और भी Thought of the day इस आर्टिकल में डाल सके

 

आप अपनी पसंद के quotes को इकट्ठा कर सकते हैं और उन्हें अपने होम प्रिंटर के साथ प्रिंट कर सकते हैं, एक छोटी पुस्तिका बना सकते हैं, जिसे आप अपनी जेब में ले जा सकते हैं। अगर आपके पास एक स्मार्ट फोन है, तो आप उन्हें अपने स्मार्ट फोन में कॉपी कर सकते हैं। आप कभी भी अपनी पुस्तक या स्मार्ट फोन से उद्धरण पढ़ सकते हैं जब भी आपके पास समय लगता है, बस मे, ट्रेन में, काम पर या घर पर। तो दोस्तों आइये जानते हैं thought of the day in hindi with meaning.

यदि आप प्रेरणादायक विचार अक्सर पढ़ते हैं तो ये आपके मन और व्यवहार को सकारात्मक तरीके से प्रभावित कर सकते हैं।

 

• पाप-मार्ग सुवर्ण (सम्पति) घर में आता हो तो वह कलि का स्वरूप कहलाता है।
• कोई सन्त जप एवं ध्यान में मग्न हो तो वहां मत जाओ, जाओ नम्सकार करके चले आओ, उनके साथ
सांसारिक बातें मत करो।
• पाप-कार्य हो जाए तो पश्चाताप करो स्वशरीर को दण्ड दो।
• जिस दिन पाप-कार्य हो जाए उसदिन उपवास करोपाप फिर नहीं होगा।
• समता सिद्ध करने के लिए सबसे स्मता रखें । व्यक्तिगत ममता दूर करो।
• समाज में पाप प्रकट हो जाए तो पाप की आदत छूटती है।
• मनुष्य सन्त हुए बिना सन्त को नहीं। पहचान सकता।

 

 

  • दूसरों के अनुभवों से लाभ उठाना ही बुद्धिमानी है।
  • दान देकर मनुष्य धनवान बनता है । और धन को जोड़ कर लोभी व दु:खी।
  • ईमानदार आदमी की सोच हमेशा न्यायपूर्ण होती है।
  • समय को निरर्थक न जाने दें, यह लौटकर नहीं आयेगा।
  • जिसने ज्ञान को आचरण में उतार लिया वह स्वयं ईश्वर रूप हो जाता है।
  • उस सुख का भी त्याग करें जो किसी को दु:ख पहुँचाये।
  • भूल का पता लगते ही उसे तुरन्त सुधारना चाहिए।
  • खाने, सोने और भोगने का नाम जीवन नहीं है, जीवन नाम है सदैव आगे बढ़ने की लगन का।
  • सादगी बनाने से नहीं बनेगी यह स्वभाव में होनी चाहिए।
  • जल से शरीर शुद्ध होता है, सत्य से मनविद्या एवं तप से आत्मा और ज्ञान से बुद्धि शुद्ध हो जाती है-यही मोक्ष मार्ग की सीढ़ी है।
  • जिस व्यक्ति का मन नियन्त्रित होता है वह शोक नहीं करता है
  • मौत से जितने लोग मरते हैं, फिक्र से उससे अधिक मरते हैं।
  • ईट-पत्थर के सब मन्दिरों से महान्हृ  दय का मन्दिर है।
  • जो स्वयं धन को भोग नहीं सकता वह प्रसन्न मन से दान भी नहीं कर सकता।
  • जब अपने ऊपर बीतती है, तभी आदमी को हर बात समझ में आती है।
  • आशा दु:ख की जननी है। अगर सुखी रहना है तो दूसरों से सुख की आशा करनी छोड़ दो।

 

प्रारम्भिक अवस्था में मंगलाचरण करो। मंगलाचरण बहुत प्रभावकारी है।
• प्रति क्षण स्वयं को सुधारोगे तो मरण सुधर जाएगा।
• जिसका सतत चिन्तन हो, मरण-समय में वे स्मृति में आते हैं।
• तृत्ति भोग में नहीं, त्याग में है। भोग से भोग की अग्नि बढ़ती है।
• शरीर भोग भोगने के लिए नहीं मानव मिलता है। यह तो भजन द्वारा भगवान की प्राप्ति के लिए मिला है।
• इन्द्रियों को भोग से शान्ति नहीं मिलती। प्रभु स्मरण एवं प्रभु-सेवा से मिलती है। इन्द्रियों को प्रभु की सेवा में ही
व्यस्त करें।
• जीवन को ऐसा बनाओ कि मृत्यु-समय भगवान याद रहा

 

 

• प्रत्येक मनुष्य इस संसार के रंगमंच पर एक आभनय का अपनी मन प्रवृत्ति से प्रेरित होकर अपने पाठ को दुहराता है, यही मनुष्य की जीवन है।
संसार में कोई ऐसी शक्ति नहीं, जो उच्च, सरल, सत्य एवं कर्मण्य जीवन के प्रभाव को कम कर दे।
मनुष्य जीवन का अधिकांश भाग यही विचारतेविचारने निकल जाता है कि मैं अब जीवन को नाश से बचाऊंगा। फलत: जीवन नष्ट हो जाता हैं और हम जीवित रहने के उपक्रम में व्यस्त रह जाते हैं।
इस बात का कोई महत्व नहीं कि मनुष्य मरता किस प्रकार है, अपितु महत्त्व की बात तो यह है कि वह जीवित किस प्रकार रहता है।

मनुष्य के जीवन की तीन बड़ी घटनाएं विवाद से पूर्णतपरे होती हैं प्रथमजन्म, द्वितीय, विवाह और तृतीय, मृत्यु।

वही सच्चा जीवन व्यतीत करता है, जो अपनी जीवन-शक्ति भावी सन्तान के लिए व्यय कर देता है।
• धन का महत्व नहीं, अपितु जीवन का है-प्रेम की समस्त शक्ति प्रसन्नता और प्रशंसा से पूर्ण जीवन की।
० जीवन का द्वार तो सीधा है, किन्तु मार्ग अत्यधिक संकीर्ण है।

जीवन एक गतिशील छाया मात्र है।
• पुरुष जीवन को जल्दी पहचानते हैं, नारियां विलम्ब से। 
० स्वाभिमानआत्मज्ञान और आत्मसंयम-ये तीन ही जीवन को आलौकिक शक्ति की ओर ले जाते हैं।
• चालीस वर्ष की अवस्था युवावस्था का वार्धक्य है और पचास वर्ष की अवस्था वृद्धावस्था का तारण।
• जीवन नम्रता का महान् पाठ है।

 

  • वासना पुनर्जन्म का कारण होती है।
  • जीवन में संयम तथा सदाचार न हो तो पुस्तकों का ज्ञान काम नहीं आता।
  • भगवान् हृदय में प्रकट हों तो मनुष्य भूखप्यास भूल जाता है।
  • मितभाषी व्यक्ति सत्यवादी होता है।
  • मन को सदा पवित्र रखिएकारण मृत्यु के बाद भी मन साथ रहने वाला है।
  • मुझे प्रत्येक इन्द्रिय भगवान् को अर्पण करनी है-एकादशी के दिन इस भाव को अपनाओ। एकादशी का
  • प्रत्येक ग्रन्थ में वर्णन है।
  • धर्मशास्त्रों की कथाएं ज्ञान, भक्ति एवं वैराग्य को बढ़ाती है।
  • देह-रूपी भवन को भगवान् को प्रवेश करने के लिए आंख और कान करें के समान हैं।

आज के अनमोल विचार 

• जो बुद्धि काम-सुख का विचार करती है, वह जड़ बनती है।
• सेवा और स्मरण बिना जिसे चैन न पड़े वही सच्चा भक्त है।
• तुलसी-वन्दन नित्य करने वाले को रोग नहीं होता।
• कान के बाल सफेद हो जाएं तो मानना कि वृद्धावस्था आ गई है।
• भगवान् बड़ी गलती को भी क्षमा कर देते हैं। उनकी शरण पकड़ो।
• तपश्चर्या के बिना जीवन में सुवास (सौन्दर्य) नहीं आती।
• वाणी और पानी का दुरुपयोग करने वाले अपराधी हैं। अन्त में उसे वाणी दगा देती है।
• मनुष्य का कर्म ही मनुष्य को सुख दु:ख दता ह।

• यौगी को कभी रोग नहीं होता, यदि योगी को रोग हो तो उसके योग में – कोई भूल हुई है।
• जीव जिस योनि में जन्म लेता है वह है उसके कर्म से प्राप्त होती है।
• किए हुए कर्मों का फल भोगना ही है । पड़ता है। इसलिए सत्कर्म करो |
• जीवन कुछ नियमों से बंधा होना – चाहिए। जिसके जीवन में कोई नियम नहीं है। वह पशु से भी गया
गुजारा है।
• संसार की बहुत बातें समझने में कोई सार नहीं है । उल्टे वे भक्ति में विनकारक है। जो कल्याणकारी बातें
है केवल उन्हें जान लो।
• आहारविहार से मनुष्य के मन की परीक्षा होती है।

 

  • जिसने काम-वासना पर विजय पा ली है, उसे मृत्यु भय नहीं रहता।
  • भगवान् में मन लगाये बिना काम क्रोधादि विकार नष्ट नहीं होते।
  • धीरे-धीरे मृत्यु की तैयारी करो।
  • मृत्यु को सुधारना हो तो प्रत्येक क्षण सुधारो।
  • मृत्यु का सुधार आंखमन, वाणी एवं धन का सदुपयोग करने से होता है।
  • सतत उद्योग करने से ऋद्धि-सिद्धि घर में निवास करती है।
  • प्रत्येक क्षण ईश्वर का चिन्तन करो
  • जब तक लौकिक सम्बन्धों की स्मृति बनी रहेगी, ईश्वर में आसक्ति नहीं होगी।
  • वासना और भोगों की वृद्धि से संसार विष तुल्य हो जाता है।
  • दु:ख में साथ देने वाला ईश्वर होता। है, सुख में साथ देने वाला मनुष्य।
  • घर से बाहर निकलें तो भगवान का स्तुति वन्दन करके निकलें।
  • भगवान की कृपा रहे तो जीव विषयासक्त नहीं होता।
  • प्रत्येक कार्य के प्रारम्भ में भगवान का| स्मरण करो।
  • पढ़ने लिखने और विचारने की बजाए प्रत्येक बात (उपदेश) को जीवन के व्यवहार में उतारना श्रेष्ठ है।
  • भागवत का आश्रय लेने वाला भय मुक्त हो जाता है।
  • मृत्यु के भय से भगवान से प्रीती बढ़ जाती है।
  • निरन्तर काल का भय मनुष्यों को। पापकर्म से मुक्त रखता है।

 

  • आपका प्रत्येक व्यवहार भक्तिमय होना चाहिए।
  • भगवान का स्मरण करते रहिए उसकी ही सलाह मानिए।
  • मन्दिर में भगवान का दर्शन करके, बाहर आने के बाद सब प्राणियों में भगवान का दर्शन करो।
  • मनुष्य जीवन अत्यधिक विलासी हो गया है, इसलिए ज्ञान मार्ग से
  • उसका ईश्वर के पास पहुंचना कठिन हो गया है।
  • यह भक्ति का समय है-यह भोग का। उस प्रकार का भेदभाव रखने वाला व्यक्ति भक्ति नहीं कर सकता।
  • भगवान का वन्दन केवल शरीर से। नहीं, मन से भी कीजिए वन्दन भगवान को प्रेमबन्धन में बांध लेता है।

 

  • मनुष्य में ज्ञान आता है किन्तु वह टिकता नहीं
  • जीव नारायण का ही अंश है, उसी में उसको मिल जाना है।
  • आनंद अपने भीतर ही निवास करता है किन्तु मनुष्य उसे स्त्री में, घर में तथा बाह्य सुखों में खोज रहा है।
  • भगवान के दिव्य स्वरूप का साक्षात्द र्शन करने के लिए ही मनुष्य का जन्म हुआ है।
  • सुन्दर भवनों और भोग विलास में लिप्त रहने वाले व्यक्ति उपनिषदों के अधिकारी नहीं हैं।
  • प्राणी जो कुछ करता है, सब ईश्वर के लिए करता है, उसकी सभी क्रियाएं भक्ति बन जाती हैं।

 

thought of the day in hindi with meaning

Thought of the day in Hindi

1. हमेशा ध्यान रखें कि सफल होने के लिए आपका खुद का संकल्प किसी और चीज़ से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
2. सुबह एक छोटा सा सकारात्मक विचार आपके दिन के पूरे परिणाम को बदल सकता है।
3. आज, जहाँ भी तुम जाते हो, अपने दिल में शांति, प्रेम और सद्भाव का इरादा रखो।
4. आपकी मुस्कान आपको एक सकारात्मक चेहरा देगी और आपके चारों ओर लोग सहज महसूस करेंगे।
5. सकारात्मक मन, सकारात्मक वाइब्स, सकारात्मक जीवन
6. रात को दिन की चिंता और डर खत्म करने के लिए बनाया गया है।
7. हमें एक दूसरे के प्रति दयालु होने के लिए किसी भी चीज़ पर सहमत नहीं होना चाहिए।
8. अपने चेहरे को सूरज की ओर मुड़ें और छाया आपके पीछे होगी
9. अँधेरा अँधेरे से बाहर निकल नहीं सकता, केवल प्रकाश ऐसा कर सकता है नफरत नफरत से नहीं निकल सकती; केवल प्रेम ही ऐसा कर सकता है।
10.अवसर हर जगह हैं यह हम पर निर्भर है कि हम उन्हें कैसे खोजते हैं।

 

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thought of the day in hindi with meaning

11. आपके पास क्या नहीं है, इसके बारे में सोचने के बजाय, यह सोचने की कोशिश करें कि आपके पास क्या है …
12. एक शेर के रूप में एक दिन जीना बेहतर है, एक भेड़ के बच्चे के रूप में हजार दिनों की तुलना में।
13. जीवित रहने का क्या मतलब है यदि आप कम से कम कुछ करने की कोशिश भी नहीं करते हैं?
14. व्यस्त एक विकल्प है, तनाव एक विकल्प है, खुशी एक विकल्प है, इसलिए अच्छी तरह से चुनें।
15. खुस लोगों के पास सबसे अच्छी चीज़ नहीं होती हैं, वे सब कुछ श्रेष्ठ बनाते हैं।
16. यदि आप महानता हासिल करना चाहते हैं तो अनुमति के लिए पूछना बंद करो।
17. मैं विफल नहीं हुआ है मुझे सिर्फ 10,000 तरीके मिल चुके हैं जो काम नहीं करेंगे I
18. आपका दृष्टिकोण, आपकी योग्यता नहीं, आपकी ऊंचाई तय करता है I
19. मेरी जिंदगी का निर्माण करने में मेरी मदद करने के लिए धन्यवाद।
20. सकारात्मक सोच आपको नकारात्मक सोच से बेहतर सब कुछ करने देगी।

 

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21. खड़ी पहाड़ियों पर चढ़ने के लिए पहले धीमी गति की आवश्यकता होगी।
22. इसे अपने दिल पर लिखें कि हर दिन वर्ष का सबसे अच्छा दिन है।
23. बिस्तर पर जाने से पहले अपने बच्चों को अच्छे विचारों से भरें।
24. प्रिय भगवान, आज मैं जाग उठा। मैं स्वस्थ हूं। मैं जिन्दा हूँ। धन्यवाद। मैं क्षमाप्रार्थी हूं…
25. एक अच्छा दिन और बुरे दिन के बीच एकमात्र अंतर आपका दृष्टिकोण है। यदि आपका दृष्टिकोण अच्छा है तो आपका दिन अच्छा होगा।
26. आपका जीवन आपके विचारों का प्रतिबिंब है, यदि आप अपनी सोच को बदलते हैं तो आप अपना जीवन बदल देंगे।
27. हर सुबह इस विचार से उठें कि आज कुछ अद्भुत होने वाला है।
28. हमेशा मुस्कान के साथ हर सुबह का स्वागत करें और एक नए दिन को एक विशेष उपहार के रूप में देखें
सकारात्मक कैसे बनें – “मैं नहीं कर सकता” के बजाए “मैं कर सकता हूँ” कहो! अधिक मुस्कुराएं आशावादी बनो।
29. सकारात्मक सोच अधिक ऊर्जा और अधिक खुशी देती है।
30. कड़ी मेहनत के बिना सफलता के लिए प्रयास करना, बस फसल काटने की कोशिश करने की तरह है जहाँ अपने कुछ बोया ही नहीं है।

thought of the day in hindi with meaning

thought of the day in hindi with meaning

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31. हमेशा एक सकारात्मक विचार के साथ दिन खत्म करो, चाहे कितना मुश्किल चीजें हो।
32. विफलताओं जीवन का हिस्सा हैं; यदि आप असफल नहीं होते हैं, तो आप नहीं सीखते हैं यदि आप नहीं सीखते हैं तो आप कभी भी बदले नहीं होंगे।
33. आप अपने भविष्य को बदल नहीं सकते हैं, लेकिन आप अपनी आदतों को बदल सकते हैं। और निश्चित रूप से आपकी आदतें आपके भविष्य को बदल देगी।

34. गलतियां बहुत दर्दनाक होती हैं, लेकिन एक समय बाद ही गलतियों का एक संग्रह अनुभव बन जाता है और यह सफलता की ओर जाता है।
35. कोई भी मूर्ख आलोचना, निंदा और शिकायत कर सकता है – और सबसे बेवकूफ लोग करते भी हैं लेकिन समझ और क्षमा करने के लिए चरित्र और आत्म-नियंत्रण होना जरूरी है।
36. किसी भी परियोजना में, सबसे महत्वपूर्ण कारक आपका विशवास है. विशवास के बिना कोई सफल परिणाम नहीं हो सकता है।
37. आप इस दुनिया में एक अंतर बनाने के लिए यहां हैं, और ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका है दूसरों को सफल बनाने के लिए अपने ज्ञान और अनुभव का उपयोग करना।
38. यदि आप एक नकारात्मक विचार को खारिज करना चाहते हैं, तो ऐसा करने का एकमात्र तरीका सकारात्मक और रचनात्मक विचारों के बारे में सोचना है।
39. हम हर किसी की मदद नहीं कर सकते, लेकिन हर कोई किसी न किसी की मदद कर सकता है।

 

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40. जब बाकी लोग अपने दुख गिन रहे हों तब आप अपने सुखों के बारे में सोचें। यही खुश रहने का रहस्य है।

41. सही सही ही रहेगा चाहे सभी विरोध में हों और गलत गलत ही रहेगा चाहे सभी पक्ष में क्यों न हों।

42. जो व्यक्ति खुद पर नियंत्रण नहीं रख सकता वो दूसरों को नियंत्रित करने योग्य कतई नहीं है।

43. ईश्वर के बाद केवल माता पिता ही सच हैं।

44. शादी भी सोच-समझकर करें पहले साथी बाद में पैसा देखें गुण पहले दिखाई , बाद में खूबसूरती। दिमाग पहले बाद में शरीर। तब आपको। एक पत्नी, दोस्त, साथी के तौर पर खुद का ही रूप मिलेगा ।

45. आजादी के बिना दोस्ती संभव नहीं है। दोस्ती में आजाद हवा का होना। जरूरी है। इस रिश्ते को कैद नहीं किया जा सकता है।

46. सबसे अधिक जरूरत हमें समय की होती है और सबसे ज्यादा दुरुपयोग भी हम उसी का करते हैं।

47. हर तरह की बहस में केवल सच बोलना ही मकसद हो, न की जीतना।

48.जो खुद को ईश्वर का अंश नहीं मानते हैं दरअसल वे तानाशाह की गुलामी करते हैं।

49. जलन करने वाले दूसरों के लिए परेशानी का सबब होते हैं लेकिन स्वयं के लिए यातना।

50. सच्चा दोस्त न्यायपूर्वक सलाह देगातुरंत मदद देगा, साहसिक कार्य में साथ रहेशासंयम बरतेगाबहादुरी से
बचाव करेगा और हमेशा दोस्त बनकर ही रहेगा।

51. महंगे कपड़ों में लिपटी अज्ञानता और घमंड से ऊपर और बेहतर है सस्ते कपड़ों में लिपटा ज्ञान और मानवीयता।

52. अक्लमंद और समझदार व्यक्ति का धन ज्ञान होता है। संयम और मेहनतआस्था की ही तरह हैं। ये पहाड़ हिला देते हैं। वो जो प्यार में जीता है, ईश्वर में जीता है।

53. मौत केवल एक दायरा है जो हमारी दृष्टि की सीमा भी है। ज्यादा साफ और देखने पड़ेगी

54. दूर तक के लिए ज्यादा आंखें खोलनी उससे कभी घृणा मत करो जिसे समझते ही नहीं हो।

 

  • आप अपना जो मूल्य आँकते हैं। सफलता उसी का साकार रूप है।
  • दूसरों के ऊँटों पर लदा हुआ बोझ, कपास से भी हल्का नजर आता है ।
  • जो काम से पहले हिचकिचाता है। वह पिछड़ जाता है।
  • लोकप्रियता से बचो, इसमें बहुत फंसे हैं मगर सुखी कोई नहीं है।
  • मन की गति हवा से तेज होती है।
  • सही अर्थों में रूढ़िवादी वो है जो बैठा-बैठा केवल सोचता है, करता कुछ नहीं।
  • गुरु की डाँट, पिता के प्यार से बेहतर होती है।  भगवान् का सान्निध्य वही पाता है।
    जो नेक काम करे।
  • बादलों की तरह रहो क्योंकि बादल फूलों पर ही नहीं काँटों पर भी बरसते है
  • खाना खाते समय Hurywory और Curry से परहेज करें।
  • पुष्प धीरे-धीरे उगते हैं और घास ड जल्दी-जल्दी आती है।
  • बेटा मां के आंचल में रहे या आंगन में, माँ की ममता कम नहीं होती। ध्यान या धन घट-बढ़ सकता है पर ममता एक समान रहती है।
  • कार्य में लगे रहना ईश्वर की आराधना भी है और उपासना भी है।

 

  • भोग से तृप्ति नहीं होती-त्याग से होती। है। स्वयं विचार करके देखें ।
  • योग के पीछे हेत न हो तो योगी का पतन होता है, योग-साधना से दूसरी शक्तियाँ आती हैं, उन्हें ब्रह्म की अनुभूति नहीं होती।
  •  संसार में स्वार्थ और कपट का सम्बन्ध है। पति-पत्नी प्रेम भी स्वार्थ के में और कपट होता है। संसार में प्राय: ऐसा देखा जाता है।
  •  पुत्र को केवल एक कुल को तारता है। पुत्री लायक हो तो पिता और पति दोनों कुलों को तारती है। पुत्री को विशेष संस्कारी बनाओ।
  •  अनासक्ति दृढ़ बनानी चाहिए।
  •  सुखदु:ख प्रारब्ध के अधीन है। अत दोनों स्थिति में समान रहें।
  •  जिनको मोक्ष की इच्छा हो उन्हें काम-स्त्री- पुरुषों का संग सर्वथा छोड़ देना चाहिए। साधक को स्त्री अथवा स्त्री संग करने वाले का भी संग नहीं करना चाहिए।
  •  समाज-सुधार की भी भावना उत्तम है। किन्तु उसके पीछे अहंकार आता है। समाज-सेवा में अहंकार कदापि न आने देंवे।
  • किसी के कहने से प्राणी भक्ति नहीं करता। भगवान कृपा करे तभी भक्ति का रंग चढ़ता है। भक्ति को भगवान्| की कृपा का फल समझें।
  •  दृष्टि खराब है तो संसार बिगड़ा हुआ नजर आता है।
  • वृद्धावास्था में देह की सेवा होती है देव की सेवा नहीं।

 

तो दोस्तों आज मैंने आपको इस article मे बताये Thought of the day in hindi. उम्मीद करता हूं दोस्तों कि आपको ये article पसंद आया होगा। ऐसे और रोचक विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमसे जुड़े रहें और हमारे article पढ़ते।

 

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Romi Sinha

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