बदलाव लाने वाली कहानियाँ Short Motivational Stories in Hindi For Student

नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है। दोस्तों आज मैं आपको इस आर्टिकल में बताऊंगा Short Motivational Stories in Hindi जिन को पढ़ कर आपकी सोच बदल जाएगी। इसलिए आपके एक निवेदन करता हु ही इन दोनों कहानियो को पूरा पढ़े और हमें बताये की आपको कैसी लगी।तो दोस्तों इन 2 कहानियो के नाम है। 1. आज ही क्यों नहीं 2. कम अक्ल किसान जैसा की नाम से ही पता लग गया होगा की ये दोनों motivational stories है जो आपको motivate करने बहुत ज्यादा हेल्प करेगी।

 

 

1 हाथी की रस्सी ( short motivational stories No.1 )

एक आदमी हाथी के शिविर के पास से घूम रहा था, और उन्होंने देखा कि हाथियों को पिंजरों में नहीं रखा गया था और ना ही चेन से बांधा गया था। जबकी उन्हें भागने के बचाने के लिए सिर्फ एक छोटी सी रस्सी के टुकड़े से बांधा गया था जिसे हाथी बड़े आराम से तोड़ सकता था। लेकिन फिर भी हाथी रस्सी को तोड़ने की बिलकुल भी कोशिश नहीं कर रहे इस बात से वो आदमी बहुत ही ज्यादा परेशान हो गया था और इस बात का जवाब जानने के लिए वो हाथी के trainer यानि महारथ के पास गया वो अपना सवाल उन्हें बताया।

Short Motivational Stories Hindi

महारथ का जवाब था की जब हाथी बहुत छोटे थे तो उनको इसी तरह की रस्सी से बांधा जाता था लेकिन जब वो उस रस्सी को भी नहीं तोड़ पाते थे क्योकि वो बहुत छोटे थे। इसलिए उन्होंने ये सोच लिया था की वो इस रस्सी को कभी नहीं तोड़ सकते वो सोच उनकी अब तक बनी हुई है और इसी लिए वो अब रस्सी को तोड़ने के लिए कोशिश भी नहीं करना चाहते।

इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है।

इससे हमें ये शिक्षा मिलती है की अगर हम किसी काम को करने का सोच ले तो उसको पूरी हिम्मत के साथ कोशिश करनी चाहिए क्योकि लोग अपने पुराने रीतिरिवाजों से तुम्हे उस काम को करने से रोकेंगे और ये विश्वास दिला देंगे की तुम इस काम को कभी नहीं कर सकते।

 

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2 . आज ही क्यों नहीं  ( short motivational stories No.2 )

एक बार की बात है कि एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था |गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते थे लेकिन वह शिष्य अपने अध्ययन के प्रति आलसी और स्वभाव से दीर्घसूत्री था |सदा स्वाध्याय से दूर भागने की कोशिश करता तथा आज के काम को कल के लिए छोड़ दिया करता था | अब गुरूजी कुछ चिंतित रहने लगे कि कहीं उनका यह शिष्य जीवन-संग्राम में पराजित न हो जाये|आलस्य में व्यक्ति को अकर्मण्य बनाने की पूरी सामर्थ्य होती है | ऐसा व्यक्ति बिना परिश्रम के ही फल की कामना करता है | वह शीघ्र निर्णय नहीं ले सकता और यदि ले भी लेता है,तो उसे पूरा नहीं कर पाता |

 

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यहाँ तक कि अपने पर्यावरण के प्रति भी सजग नहीं रहता है और न ही भाग्य द्वारा प्रदान अवसरों का लाभ उठाने की कला में ही प्रवीण हो पता है |

उन्होंने मन ही मन अपने शिष्य के कल्याण के लिए एक योजना बना ली | एक दिन एक काले पत्थर का एक टुकड़ा उसके हाथ में देते हुए गुरु जी ने कहा –
‘मैं तुम्हें यह जादुई पत्थर का टुकड़ा, दो दिन के लिए दे कर, कहीं दूसरे गाँव जा रहा हूँ| जिस भी लोहे की वस्तु को तुम इससे स्पर्श करोगे, वह स्वर्ण में परिवर्तित हो जायेगी| पर याद रहे कि दूसरे दिन सूर्यास्त के पश्चात मैं इसे तुमसे वापस ले लूँगा |’

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शिष्य इस सुअवसर को पाकर बड़ा प्रसन्न हुआ लेकिन आलसी होने के कारण उसने अपना पहला दिन यह कल्पना करते-करते बिता दिया कि जब उसके पास बहुत सारा स्वर्ण होगा तब वह कितना प्रसन्न, सुखी,समृद्ध और संतुष्ट रहेगा, इतने नौकर-चाकर होंगे कि उसे पानी पीने के लिए भी नहीं उठाना पड़ेगा | फिर दूसरे दिन जब वह प्रातःकाल जागा,

उसे अच्छी तरह से स्मरण था कि आज स्वर्ण पाने का दूसरा और अंतिम दिन है | उसने मन में पक्का विचार किया कि आज वह गुरूजी द्वारा दिए गये काले पत्थर का लाभ ज़रूर उठाएगा | उसने निश्चय किया कि वो बाज़ार से लोहे के बड़े-बड़े सामान खरीद कर लायेगा और उन्हें स्वर्ण में परिवर्तित कर देगा

दिन बीतता गया, पर वह इसी सोच में बैठा रहा की अभी तो बहुत समय है, कभी भी बाज़ार जाकर सामान लेता आएगा उसने सोचा कि अब तो दोपहर का भोजन करने के पश्चात ही सामान लेने निकलूंगा पर भोजन करने के बाद उसे विश्राम करने की आदत थी और उसने बजाये उठ के मेहनत करने के थोड़ी देर आराम करना उचित समझा.

पर आलस्य से परिपूर्ण उसका शरीर नीद की गहराइयों में खो गया, और जब वो उठा तो सूर्यास्त होने को था अब वह जल्दी-जल्दी बाज़ार की तरफ भागने लगा, पर रास्ते में ही उसे गुरूजी मिल गए उनको देखते ही वह उनके चरणों पर गिरकर, उस जादुई पत्थर को एक दिन और अपने पास रखने के लिए याचना करने लगा लेकिन गुरूजी नहीं माने और उस शिष्य का धनी होने का सपना चूर-चूर हो गया |

इस घटना की वजह से शिष्य को एक बहुत बड़ी सीख मिल गयी उसे अपने आलस्य पर पछतावा होने लगा, वह समझ गया कि आलस्य उसके जीवन के लिए एक अभिशाप है और उसने प्रण किया कि अब वो कभी भी काम से जी नहीं चुराएगा और एक कर्मठ, सजग और सक्रिय व्यक्ति बन कर दिखायेगा.

इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है।

 

मित्रों, जीवन में हर किसी को एक से बढ़कर एक अवसर मिलते हैं , पर कई लोग इन्हें बस अपने आलस्य के कारण गवां देते हैं. इसलिए मैं यही कहना चाहती हूँ कि यदि आप सफल, सुखी, भाग्यशाली, धनी अथवा महान बनना चाहते हैं तो आलस्य और दीर्घसूत्रता को त्यागकर, अपने अंदर विवेक, कष्टसाध्य श्रम,और सतत् जागरूकता जैसे गुणों को विकसित कीजिये और जब कभी आपके मन में किसी आवश्यक काम को टालने का विचार आये तो स्वयं से एक प्रश्न कीजिये – “आज ही क्यों नहीं ?”

 

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3. कम अक्ल किसान  ( short motivational stories No.3 )

एक किसान शहर से दूर अपने एक घर में रहता था। उसके घर में किसी प्रकार की कमी नहीं थी, लेकिन फिर भी वह किसान खुश नहीं था। उसे लगता जैसे यह गाँव एक जंगल हैं, और वह इसमें बहुत अकेला हैं। एक दिन उसने अपने गांव के घर को बेचकर, शहर में एक आलीशान बंगला लेने न निश्चय किया। दिन उसने अपने एक दोस्त को शहर से बुलाया, और रियल स्टेट में काम करता था। उसने उससे कहा, कि मेरा ये घर बेचकर मुझे शहर में एक अच्छा सा मकान दिला दो। उसके दोस्त ने उससे पूछा, भाई तुम ये अपना पूर्वजो का इतना सुन्दर घर क्यों बेचना चाहते हो ? कोई समस्या हैं या पैसो की कुछ जरुरत हैं तो मुझे बताओ। किसान ने अपने दोस्त की बात सुनकर उससे कहा – ये घर गांव से कई किलोमीटर दूर हैं। यहाँ पर शहर की तरह पक्की सड़के नहीं हैं, सारे रास्ते उबड़ खाबड़ हैं। ये नदी जिसने बारिश होने पर पानी भर जाता हैं, इसे पर करके ही शहर को जाना पड़ता हैं। यहाँ इतने सारे पेड़ पौधे लगे हैं, जब हवा चलती हैं घर में पत्ते पत्ते हो जाते हैं, सफाई करने में भी बड़ी दिक्कत होती हैं। ये पहाड़ देखो, सर्दियों में इनपर बर्फ गिर जाती हैं, जिससे बड़ी दिक्कत होती हैं। अब बताओ मैं कैसे रह पाउँगा इस घर में।

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उसके दोस्त ने कहा – ठीक हैं मैं जल्दी ही तुम्हारा घर बिकवा दूंगा। ऐसा कहकर वह चला गया। अगर दिन वह किसान सुबह अख़बार पढ़ रहा था, तब उसने अख़बार में एक घर का ऐड देखा। ऐड में लिखा था, शहर की भीड़ भाड़ से दूर, पहाड़ियों से घिरे हुए, ताजी हवा से परिपूर्ण एक सुन्दर घर में बसाये अपने सपनो का घर। घर खरीदने के लिए इस नंबर xxxxxxxxx पर संपर्क करे। किसान को वह ऐड बहुत पसंद आया। उसने उस घर को खरीदने के मन बना लिया। उसने जब उस नंबर पर फ़ोन किया, तब वह यह जानकार हैरान रहा गया, यह तो उसी के घर का ऐड हैं। अब वह से समझ गया, वह तो पहले से ही अपने पसंद के घर में रह रहा हैं। अब वह खुश था। उसने जल्दी से अपने दोस्त को फोन करके अपने घर को बेचने से मना कर दिया।

 

दोस्तों हम में से भी अधिकतर लोगो को इस किसान की तरह ही अपने जीवन से कई प्रकार की कंप्लेन होती हैं। हम सोचने हैं, हमारा जीवन सबसे ख़राब हैं, हमारे जीवन में ही सबसे अधिक दुःख हैं। हमारा घर बेकार हैं, हमारी नौकरी बेकार हैं, सब कुछ बेकार हैं। पर क्या आपने कभी अपनी ज़िन्दगी को दुसरो की नजरो से देखने की कोशिश की हैं ? दोस्तों अपनी ज़िन्दगी को कभी दुसरो की नजरो से देखने की कोशिश करो, तब आप पाएंगे कि आपकी लाइफ दुसरो से कितनी अच्छी हैं, आपकी जॉब दुसरो से कितनी अच्छी है, आप दुसरो से कितने बेहतर हैं।

 

तो दोस्तों आज मैंने आपको इस article मे बताया Short Motivational Stories in hindi उम्मीद करता हूं कि आपको ये Article पसंद आया होगा ओर आशा करता हूं कि आपको इससे Motivation मीली होगी। ऐसे और रोचक विषय के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमसे जुड़े रहें और हमारे article पढ़ते रहे।

 

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