Muhavare in Hindi with Pictures Part 2 – मुहावरे फोटो के साथ भाग 2

नमस्कार, आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है। आप सभी का बहुत सारा प्यार मिला इसलिए हम आपके लिए लाये है Muhavare in Hindi का भाग 2  इस आर्टिकल में हम ज्यादा से ज्यादा मुहावरे शेयर करेंगे जिससे आपको अपनी gk भड़ाने में हेल्प मिलेगी

Muhavare in Hindi with Pictures

 

 जड़वत् होना।
अर्थ-

(1) किसी बात का उत्तर न देना।
(2) चुप्पी साध लेना।

 जस बाप तस बेटा।

अर्थ
(1) जैसा बाप वैसा बेटा।
(2) अपने जैसी आदतों वाले साथी मिल जाना।

 जल्दी का काम अच्छा नहीं होता।

अर्थ-

(1) किसी काम में उतावलापन ठीक नहीं रहता।
(2) काम को बिना समझे जल्दी समाप्त करने से हानि होती है।

 जहाँ फुल वहीं कांटा।
अर्थ-

(1) अच्छाई के साथ बुराई भी रहती है।
(2) अच्छाई करने वाले से बुरा भी होता है।

 जान-बूझकर कुये में गिरना।
अर्थ-

(1) समझते हुए भी गलती करना।
(2) जानते हुए भी उठा लेना।

 जहाँ गुड़ होता है, वहाँ मक्खी आती ही हैं।
अर्थ-

(1) प्रभावशाली व्यक्ति के पास आदमी आते ही हैं।
(2) समर्थ से अपना काम कराने के लिए लोग पहुंचते ही हैं।

 जब तक जहर मोहरा आयेगा, सांप का काटा मर जायेगा।
अर्थ-

(1) देर से उपाय करने से सब नष्ट हो जाता है।
(2) लापरवाही बरबादी के रास्ते खोलती है।

 जब अपनी उतारी तो दूसरों की उतारते क्या देर?
अर्थ-

(1) जिसकी अपनी इज्जत नहीं उसे दूसरे की इज्जत की क्या परवाह?
(2) जिसे अपने मानसम्मान की चिन्ता नहीं, भला वह दूसरों की चिन्ता क्या करेगा?

 

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जबान को लगाम लगाना जरूरी है।

अर्थ-

(1) जो बोलो नापतौल कर बोलो।
(2) जो कहना हो सोचविचारकर कहो।

 जबान खलक नक्कास खुदा।

अर्थ-

(1) जनता की आवाज़ भगवान की आवाज होती है।
(2) आम आदमी की आवाज़ खदा की आवाज होती है।

 जबान तलवार से ज्यादा तेज है।

अर्थ –

(1) शब्दों की मार तलवार की मार से गहरी होती है।
(2) कठोर शब्द गहरा आघात पहुँचाते हैं।

 जान बची लाखों पाये।
अर्थ-

(1) जीवन सुरक्षित रहना लाखों पा लेने जैसा है।
(2) जिन्दगी बची रही नुकसान की चिन्ता नहीं।

 जाय लाख रहे साख।

अर्थ-

(1) इज्जत बची रहे, भले ही नुकसान कितना भी हो जाय।
(2) सब कुछ खोकर भी बात बनी रहनी चाहिए।

 जाको राखे साईयां मार सके न कोय।

अर्थ-

(1) जिस पर ईश्वर का वरदहस्त हो उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
(2) जिसको भगवान् बचाना चाहें उसे कोई नहीं मार सकता।

 जैसा बोओगे वैसा काटोगे।

अर्थ-

(1) गलत का परिणाम गलत ही मिलेगा।
(2) जैसा व्यवहार करोगे वैसा व्यवहार पाओगे।

Muhavare in Hindi

 जाहिरा सूरत पर मत जाओ।

अर्ध-

(1) आदमी की शक्ल नहीं अक्ल देखनी चाहिए।
(2) आदमी की शक्ल से उसका अन्दाजा नहीं लगाना चाहिए।

 जैसी तेरी तूमड़ी वैसा तेरी गीत।
अर्थ-

(1) काम क अनुसार दाम।
(2) चीज के अनुरूप उसका मूल्य ।
 जो आता है अपना सिक्का चलाता है।
अर्थ-

(1) नया मालिक अपने हिसाब से काम कराता है।
(2) नया मालिक अपने नियम लागू करता है।

 जिसका दुःख वही जानता है।
अर्थ-

(1) जिस पर विपत्ति पड़ती है उसे वही जानता है।
(2) दूसरे की कठिनाइयों का दूसरों को अहसास नहीं होता।

 

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 जिसका जूता उसके सिर।
अर्थ-

(1) जिसका माल वही चोर कहलाये ।
(2) जिसका नकसान हो उसे ही दोषी ठहराया जाये।

 जिस काम से रोका जाय उसी को जी चाहे।

अर्थ-

(1) जिस काम को करने से रोको इन्सान उसी को करना चाहता  जिज्ञासा
(2) जिसके लिए मना करो उसके प्रति उत्पन्न होती है।

जितना धन उतनी चिता।

अर्थ-

(1) जिस पर जितना ज्यादा धन होता है उसे उतनी ही ज्यादा चिन्ता
(2) ज्यादा धनवान को हमेशा सुरक्षा की चिन्ता बनी रहती है।

जैसा आया वैसा गया।

अर्थ-

-(1) जिस तरीके से धन कमाया था उसी तरीके से चला गया।
(2) जैसे एकत्र किया था वैसे ही देना पड़ा।

 जिस काम पर ध्यान न दो, वही बिगड़ जाता है।
अर्थ-

(1) जिस धंधे पर ध्यान न दो वह चौपट हो जाता है।
(2) व्यापार से ध्यान हटते ही हानि होती है।

 जिनके गेहूं नहीं, वह चने की रोटी से ही राजी।

अर्थ-

(1) कमी में जो भी हो उसी से खुश।
(2) कम प्राप्त होने पर भी सुखी महसूस करना।

 जितने नर उतनी बुद्धि।
अर्थ-

(1) हर आदमी की अलगअलग राय होना।
(2) जितने ज्यादा व्यक्ति उतनी ही ज्यादा सलाह।
 जैसा राजा वैसी प्रजा।
अर्थ-

(1) जैसा शासक होता है वैसी ही जनता हो जाती है।
(2) जैसा मालिक होता है वैसे ही नौकर हो जाते हैं।

 जैसी करनी वैसी भरनी।
अर्थ-

(1) जो जैसा करता है उसे वैसा ही फल मिलता है।
(2) आदमी को अपने कर्मों के अनुसार ही भोगना पड़ता है।
 जो गरजते हैं वो बरसते नहीं।
अर्थ

(1) लम्बी-लम्बी हांकने वाले कुछ नहीं कर पाते।
(2) झूठी धौंस देने वाला किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

 

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 जूतम पैजार होना।
अर्थ-

(1) विवाद होना।
(2) बिना बात झगड़ा होना।

 जूतियों में दाल बंटना।
अर्थ-

(1) छोटेछोटे टुकड़ों में बंटवारा हो जाना।
(2) जिसके हाथ जो लगा वह वही ले भागा।

 जूती चटकाते फिरना।
अर्थ

(1) अवारागर्दी करते रहना ।
(2) बिना काम के इधरउधर घूमते रहना।

 

जितनी चादर उतने पैर फैलाना।

अर्थ-

(1) अपनी सीमा के अन्दर रहना।
(2) अपनी हैसियत के अनुसार काम करना।

 जंग और प्यार में सब जायज है।

अर्थ-

(1) लड़ाई तथा प्यार में अपने पक्ष में उठाया हर कदम सही है।
(2) यद्ध तथा प्यार में अपनाया गया हर हथकंडा उचित होता है।

 जो घर न देखावही ठीक है।

अर्थ-

(1) जिसकी वास्तविकता का ज्ञान न हो, वही बढ़िया नजर आता है।
(2) जिसके बारे में ढंग से जानकारी नहीं होती, वह अच्छा नजर आता है।

 जान की बाजी लगाना।

अर्थ-

(1) जान पर खेल जाना।
(2) अदम्य साहस का परिचय देना।

 जान जोखिम में डालना।
अर्थ-

(1) बड़े खतरे से जूझना।
(2) खतरे की परवाह किये बिना काम को अंजाम देना।

जैसे को तैसा।
अर्थ-

(1) जैसा करोगे वैसा फल पाओगे।
(2) बुराई का फल बुरा ही निकलता है।

 जितना गुड़ डालोगेउतना ही मीठा होगा।
अर्थ-

(1) ज्यादा मेहनत का फल मीठा होता है।
(2) जितनी लागत लगेगी माल उतना ही बढ़िया बनेगा।

 जहाँ देखी तबा-परात, वही गुजारी सारी रात।
अर्थ-

(1) जहाँ खानेठहरने का अवसर देखा वहीं जम गये।
(2) स्वार्य पूर्ण होने वाली जगह का होकर रह जाना।

 जाके फटे न पैर बिवाई, वो क्या जाने पीर पराई।

अर्थ-

(1) जिस पर बुरा वक्त नहीं पड़ा वह दूसरे का दु:ख क्या समझे।
(2) जिसने परेशानी नहीं , उसे दूसरे की परेशानी का अहसास नहीं हो सकता।
 जंगल में मोर नाचा किसने देखा।

अर्थ-

(1) जहाँ कद्रदान न हो वहाँ कला का प्रदर्शन करना।
(2) जिससे किसी का भला न हो ऐसे काम करना।

 जिन खोजा तिन पाईयां गहरे पानी पैठ ।
अर्थ-

(1) कड़ी मेहनत से ही अच्छी सफलता प्राप्त होती है।
(2) श्रम का उचित फल जरूर मिलता है।

झक मारना।

अर्थ-

(1) उल्टी-सीधी बात करना।
(2) बिना सिरपैर की बात करना।

 झाड़ मारना।
अर्थ-

(1) सारे माल पर हाथ साफ कर देना।
(2) सारा सामान चोरी हो जाना।

 झंडे गाड़ना।

अर्थ-

(1) नाम ऊंचा करना।
(2) बढ़िया जीत दर्ज करना।

 झंझट मोल लेना।
अर्थ-

(1) बिना बात के विवाद में पड़ना।
(2) बैठेबिठाये विपत्ति गले में डाल लेना।

 

कहने से कुम्हार गधे पर नहीं चढ़ता।
अर्थ

(1) जिद्दी आदमी दूसरों के कहने से काम नहीं करता।
(2) मूर्ख व्यक्ति किसी की अच्छी सलाह भी नहीं मानता।

कभी गाड़ी नाव पर, कभी नाव गाड़ी ।

अर्थ-

(1) परिस्थितियों में परिवर्तन होना।
(2) व्यापार में उतारचढ़ाव आना।

 कभी ईद कभी रोजा।
अर्थ-

(1) कोई स्थायी काम न होना।
(2) कभी पैसा होना तो कभी जेब खाली होना।

कब्र का हाल मुर्दा ही जाने।

अर्थ-

(1) अपने अन्दर के हालत आदमी स्वयं ही जानता है।
(2) अपनी परेशानी व्यक्ति स्वयं ही समझ सकता है।

 कसाई का माल कटरा नहीं खा सकता।

अर्थ-

(1) ताकतवर व्यक्ति से कोई बेईमानी नहीं कर सकता।
(2) प्रभावशाली व्यापारी का माल कोई नहीं हजम कर सकता।

 काम की न काज की, अढ़ाई सेर अनाज की।

अर्थ-

(1) खाली बैठकर खाना।
(2) काम-धन्धा करने के बजाय खर्चा करते रहना।

 कब्र खोदना।

अर्ध-

(1) भारी नुकसान पहुंचा देना।
(2) खामियों को उजागर करबदनाम कर देना।

कानीकानी कहूं ना, कानी बिना रह नाकर देना

अर्थ-

(1) साथ रहने वाले की ही बुराई ।
(2) जिसके बिना नहीं रह सकते उसी से लड़ते रहना।

 कर भला सो हो भला।

अर्थ-

(1) जो अच्छा करता है उसके साथ अच्छा ही होता है।
(2) भलाई करने वाले के साथ भलाई ही होती है।

कुछ नहीं से थोड़ा भला ।

अर्थ

(1) कुछ न करने से थोड़ा करना भी बेहतर रहता है।
(2) कुछ प्राप्त न होने से थोड़ा प्राप्त होना ही अच्छा है।

 कानी के ब्याह को सौ जोखों।

अर्थ –

(1) किसी काम को करने में कोई न कोई रुकावट उत्पन्न होना।
(2) बनता-बनता काम किसी न किसी कारण से बिगड़ना।

 कभी निराश न हो।

अर्थ-

(1) हमेशा हिम्मत से काम लेना।
(2) कभी घबराकर हार न मानना।

काली माँ के गोरे बच्चे।

(1) नालायक व्यक्ति की होनहार सन्तान होना।
(2) असफल व्यक्ति के कामयाब बच्चे होना।

 करने की सौ राह।

अर्थ

(1) करने वाले को काम की कमी नहीं रहती।
(2) काम करने की लगन नयेनये रास्ते खोलती है।

कविता चित्त को प्रफुल्लित करती है।

अर्थ

(1) अच्छी बातों से मन प्रसन्न होता है।
(2) अच्छे कार्यों से मन उल्लास से भर जाता है।

 कल किसने देखा?

अर्थ

(i) iग वाले समय का किसी को पता नहीं होता ।
(2) आने वाला समय अच्छा होगा इसका किसी को पता नहीं होता।

 कमीने मित्र से सदा भय।
अर्ध-

(1) अविश्वसनीय साथी से हमेशा धोखे का खतरा रहता है।

(2) दोगले व्यक्ति से हमेशा सावधान रहना चाहिए।

 कहीं बूढ़े तोते पढ़ते हैं?
अर्थ-

(1) कामचोर व्यक्ति से काम करने की उम्मीद रखना व्यर्थ है।
(2) आलसी आदमी कभी काम नहीं कर सकता

कहीं गधा भी घोड़ा बन सकता है?
अर्थ

(1) नालायक व्यक्ति बनना सम्भव
(2) बेईमान व्यक्ति से ईमानदार बनने की आशा रखना मूर्खता है।

 कुत्ते की पूंछ टेढ़ी ही रहती है।

अर्थ

1) गलत व्यक्ति गलत आदत नहीं (छोड़ सकता
(2) भला आदमी बुरा काम नहीं कर सकता।

कुत्ता भौंके तो चन्द्रमा को क्या।
अर्थ

(1) बुरे व्यक्ति के लांछन लगाने से भले व्यक्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
(2) गलत आदमी की बकवास करने से अच्छे व्यक्ति की प्रतिष्ठा पर आँच नहीं आती।

 कर भला तो हो भला।

अर्थ

(1) अच्छा करने वाले का अच्छा ही होता है।
(2) भलाई करने वाले को भलाई ही मिलती है।

कम खर्च वाला नशीन।
अर्थ-

(1) कम लागत में बढ़िया काम करना।
(2) थोड़ा खर्च करके अच्छा करके दिखाना।

 कुत्ते को कभी भी हजम नहीं होता।

अर्थ-
(1) छिछोरा आदमी किसी बात को छिपाकर नहीं रख सकता।
(2) गलत प्रवृत्ति का आदमी सारी कमजोरी बता देता है।

कुम्हारी अपने बर्तनों को सराहती है।

अर्थ-

(1) कुशल व्यापारी अपने माल की ढंग से तारीफ करता है।
(2) कोई व्यक्ति अपने सामान को खराब नहीं बताता।

 काम को सिखाता है।

अर्थ-

(1) काम करते रहने से कला में निखार आता है।
(2) काम ही आदमी को सफल कारीगर बनाता है।

 कौन है जिससे गलती नहीं होती।

अर्थ –

(1) प्रत्येक व्यक्ति कभी न कभी गलती करता है।
2) ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होता जो गलती न कर सके।

 कौन सुख ऐसा नहीं जिसमें दुःख न होय।

अर्थ

(1) ऐसा कोई सुख नहीं होता जिसमें कोई कष्ट न हो।
(2) हर सुख में कोई न कोई दर्द अवश्य छुपा रहता है।

 कौवे के कोसने से ढोर नहीं मरते।
अर्थ-

(I) किसी के चाहने से बुरा नहीं होता।
(2) किसी के गाली बकने से दूसरे का कुछ नहीं बिगड़ता।

 किसी के घर में लगी आग में हाथ सेंकना।
अर्थ-

(1) किसी के दुःखों से खुश होना।
(2) किसी की परेशानियों से अपनी स्वार्थ पूर्ति करना।

 काम प्यारा होता है चाम नहीं।

अर्थ –

(1) आदमी के काम का सम्मान होता है उसके रंग-रूप का नहीं।
(2) आदमी की मेहनत अच्छी लगती है उसकी सुन्दरता नहीं।

 काल के गाल में सब चले जाते हैं।

अर्थ

(1) मृत्यु सभी की निश्चित है।
(2) काल से कोई नहीं बच सकता।

 कमबख्ती जब आवेऊंट चढ़े तो कुत्ता काटे।

अर्थ-

(1) बुरा समय आने पर सारे बचाव के उपाय भी बेकार साबित होते हैं।
(2) बुरा समय हर हालत में नुकसान पहुंचाता है।

 काम ही कारीगर बनाता है।

अर्थ-

(1) श्रम ही व्यक्ति के कार्य में निखार लाता है।
(2) काम करते रहने से सिद्धहस्तता प्राप्त होती है।

 कांटे से कांटा निकलता है।

अर्थ-

(1) बुरे का जवाब बुरा बनकर ही देना सम्भव है।
(2) जो जैसा व्यवहार करे उससे वैसा ही व्यवहार करना जरूरी होता
है।

 कर बुरा तो हो बुरा।

अर्थ

(1) बुरा करने वाले का कभी भला नहीं होता।
(2) गलत काम का गलत ही परिणाम निकलता है।

 करे कराये पर पानी फिरना।

अर्थ-

(1) करने के बाद बुराई मिल जाना।
(2) बनाबनाया काम बिगड़ जाना।

 

Muhavare in Hindi with Pictures

 

 

1. झोपड़ी में रहकर महलों के ख्वाब देखना।
अर्थ-

(1) जमीन पर रहकर आसमान की बात सोचना।
बनाना
(2) कुछ न होने पर भी बड़ी योजनाएँ ।

 

2. झूठ-सच लगाना।

अर्थ-

– (1) इधरउधर की लगाना।
(2) झूठसूच बोलकर झगड़ा करा देना।

3.  झाड़ पिलाना।
अर्थ-

(1) डाट लगाना।
(2) धमकाना।

4.  झांसे में आना।

अर्थ-

(1) मूर्ख बन जाना।
(2) बहकावे में आ जाना।

 

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5. आँख दिखाना-(गुस्से से देखना)-

जो हमें आँख दिखाएगा, तो हम उसकी आँखें फोड़ देगें।

6. आँखों में गिरना-(सम्मानरहित होना)-

कुर्सी की होड़ ने सरकार को जनता की आँखों में गिरा दिया।

7. आँखों में धूल झोंकना-(धोखा देना)-

शिवाजी मुगल पहरेदारों की आँखों में धूल झोंककर बंदीगृह से बाहर निकल गए।

8. आँख चुराना-(छिपना)-

आजकल मेरा मित्र  मुझसे आँखें चुराता फिरता है।

9. आँख मारना-(इशारा करना)-

गवाह मेरे भाई का मित्र निकला, उसने उसे आँख मारी, अन्यथा वह मेरे विरुद्ध गवाही दे देता।

10. आँख तरसना-(देखने के लालायित होना)-

तुम्हें देखने के लिए मेरी तो आँखें तरस गई।

11. आँख फेर लेना-(प्रतिकूल होना)-

प्रिया ने आजकल मेरी ओर से आँखें फेर ली हैं।

12. आँख बिछाना-(प्रतीक्षा करना)-

प्रिया गुप्ता जिधर जाती है  उधर ही लड़के उसके लिए आँखें बिछाए खड़े होती है ।

13. आँखें सेंकना-(सुंदर वस्तु को देखते रहना)-

आँख सेंकते रहोगे या कुछ करोगे भी|

14. आँखें चार होना-(प्रेम होना,आमना-सामना होना)-

आँखें चार होते ही वह खिड़की पर से हट गई।

15. आँखों का तारा-(अतिप्रिय)-

अप्पू अपनी माँ की आँखों का तारा है।

16. आँख उठाना-(देखने का साहस करना)-

अब वह कभी भी मेरे सामने आँख नहीं उठा सकेगा।

 

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17. आँख खुलना-(होश आना)-

जब लोगो ने उसकी सारी संपत्ति हड़प ली तब उसकी आँखें खुलीं।

18. आँख लगना-(नींद आना )-

बड़ी मुश्किल से अब उसकी आँख लगी है। आजकल आँख लगते देर नहीं होती।

19. आँखों पर परदा पड़ना-(लोभ के कारण सचाई न दीखना)-

जो दूसरों को ठगा करते हैं, उनकी आँखों पर परदा पड़ा हुआ है। इसका फल उन्हें अवश्य मिलेगा।

Hindi Muhavare

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20. आँखों का काटा-(अप्रिय व्यक्ति)-

अपनी कुप्रवृत्तियों के कारण रेनू पिताजी की आँखों का काँटा बन गयी।

 

 

21. आँखों में समाना-(दिल में बस जाना)-

वो लड़की ही ऐसी थी मैं क्या करता पहली ही नजर में आँखों में समा गयी ।

22. अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना – (स्वयं अपनी प्रशंसा करना ) –

अच्छे आदमियों को अपने मुहँ मियाँ मिट्ठू बनना शोभा नहीं देता ।

23. अक्ल का चरने जाना – (समझ का अभाव होना) –

इतना भी समझ नहीं सके ,क्या अक्ल चरने गए है ?

24. अपने पैरों पर खड़ा होना – (स्वालंबी होना) –

युवकों को अपने पैरों पर खड़े होने पर ही विवाह करना चाहिए ।

25. अक्ल का दुश्मन – (मूर्ख) –

राम तुम मेरी बात क्यों नहीं मानते ,लगता है आजकल तुम अक्ल के दुश्मन हो गए हो ।

26. अपना उल्लू सीधा करना – (मतलब निकालना) –

आजकल के नेता अपना अपना उल्लू सीधा करने के लिए ही लोगों को भड़काते है ।

27. आसमान से बातें करना – (बहुत ऊँचा होना) –

आजकल ऐसी ऐसी इमारते बनने लगी है ,जो आसमान से बातें करती है ।

28. ईंट से ईंट बजाना – (पूरी तरह से नष्ट करना) –

राम चाहता था कि वह अपने शत्रु के घर की ईंट से ईंट बजा दे।

29. ईंट का जबाब पत्थर से देना – (जबरदस्त बदला लेना) –

भारत अपने दुश्मनों को ईंट का जबाब पत्थर से देगा ।

30. ईद का चाँद होना – (बहुत दिनों बाद दिखाई देना) –

राम ,तुम तो कभी दिखाई ही नहीं देते ,ऐसा लगता है कि तुम ईद के चाँद हो गए हो ।

 

 

 

The Author

Romi Sinha

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